सीजी भास्कर, 07 जुलाई : रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी आज नकटी मामला (Nakti Case) पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाएगी। इसके लिए राज्यपाल से 10 जुलाई को मुलाकात का समय भी मांगा गया है।
15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सौंपेगा ज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस की ओर से राज्यपाल के एडीसी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पार्टी का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल नकटी गांव में बारिश के दौरान 85 परिवारों के घरों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाएगा और प्रभावित ग्रामीणों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपेगा। कांग्रेस ने 10 जुलाई को सुविधानुसार समय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
आज होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू, शिव डहरिया, श्री कुमार मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे और नकटी जांच समिति के सदस्य आज संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और सरकार की कार्रवाई पर कांग्रेस अपना पक्ष विस्तार से रखेगी।
भाजपा ने रखा था सरकार का पक्ष
सोमवार को वन मंत्री केदार कश्यप ने नकटी मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि कार्रवाई पूरे गांव में नहीं, बल्कि केवल एक वार्ड में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई थी। उन्होंने दावा किया कि नकटी गांव के 17 वार्डों में से सिर्फ एक वार्ड में कार्रवाई हुई है और पूरे गांव को उजाड़े जाने की बात भ्रामक है।
मंत्री ने यह भी कहा था कि संबंधित जमीन को आवासीय योजना के लिए देने की प्रक्रिया वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू हुई थी। साथ ही प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर उन्हें नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराने का दावा भी किया गया।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
वन मंत्री के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर नकटी मामले में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। वहीं पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी कार्रवाई को सही साबित करने के लिए अलग-अलग बयान दे रही है।
नकटी मामले को लेकर राज्य की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। कांग्रेस अपनी जांच रिपोर्ट के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि राज्य सरकार पहले ही अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बता चुकी है।



