सीजी भास्कर, 07 जुलाई। बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र से सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। ग्राम नवागांव मोहदा के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि नवधा रामायण आयोजन के लिए चंदा नहीं देने पर गांव के लोगों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उनसे बातचीत, हुक्का-पानी, खेती-किसानी और मजदूरी तक बंद करा दी गई। मामले में उन्होंने कलेक्टर और एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। (Bilaspur social boycott)
पीड़ित संतोष कुमार साहू (57) के अनुसार, साल 2023 में गांव में नवधा रामायण का आयोजन हुआ था। उस समय आर्थिक तंगी के कारण वे चंदा नहीं दे सके। उनका आरोप है कि इसके बाद गांव में बैठक कर उनके सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि गांव वालों ने उनसे सभी तरह के सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए। इतना ही नहीं, जो कोई उनसे बातचीत करेगा, उस पर भी जुर्माना लगाने की बात कही गई।
गांव में काम करना भी हुआ मुश्किल : Bilaspur social boycott
संतोष साहू ने बताया कि वे निसंतान हैं और अपनी बीमार पत्नी के साथ रहते हैं। सामाजिक बहिष्कार के कारण उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। उनका कहना है कि गांव के माहौल की वजह से वे खेती-किसानी और मजदूरी जैसे काम भी सामान्य रूप से नहीं कर पा रहे हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पीड़ित ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप (Bilaspur social boycott) है कि शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण उन्होंने कलेक्टर और एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।



