सीजी भास्कर, 07 जुलाई। रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा (Nakti Demolition Row) खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्रवाई को गरीबों के खिलाफ अमानवीय और “अपराधिक कृत्य” करार देते हुए सरकार पर तथ्यों को छिपाने और झूठे दावे करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी इस मामले को न्यायालय तक ले जाएगी।
कांग्रेस का आरोप- बारिश में गरीबों के घर तोड़ना अमानवीय
वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू ने कहा कि भाजपा सरकार ने नकटी गांव में वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के घर तोड़कर तानाशाही रवैया अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कार्ययोजना और पर्याप्त पुनर्वास के 29 जून को बारिश के मौसम में बुलडोजर कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 85 मकानों को तोड़ा, जिनमें 25 से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान भी शामिल हैं। इससे कई हितग्राही भविष्य में दोबारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन पूरी तरह अवैध थी तो वहां प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन कैसे स्वीकृत हुए।
72 एकड़ जमीन खाली कराने की तैयारी का दावा
धनेन्द्र साहू ने दावा किया कि सरकार केवल खसरा नंबर 460 तक सीमित नहीं है, बल्कि कुल 29.172 हेक्टेयर (करीब 72 एकड़) भूमि खाली कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब पूरे नकटी गांव पर विस्थापन का खतरा बना हुआ है। कांग्रेस ने मांग की कि इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा पार्टी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
विधायक आवास को लेकर सरकार पर विरोधाभासी बयान का आरोप
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले में अलग-अलग बयान दे रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन केदार कश्यप यह कह रहे हैं कि विधायकों के आवास की कोई योजना नहीं है, जबकि आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा अक्टूबर 2024 में जारी पत्र में नकटी क्षेत्र की जमीन विधायकों के आवास के लिए खाली कराने का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में राजस्व मंत्री के जवाब के दौरान तत्कालीन आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी नकटी क्षेत्र को विधायकों के आवास के लिए चिन्हित होने की बात कही थी। कांग्रेस ने चुनौती दी कि यदि कांग्रेस सरकार के समय ऐसी कोई योजना स्वीकृत हुई थी तो सरकार उसका एक भी आदेश या नोटिस सार्वजनिक करे।
पुनर्वास पर भी उठाए सवाल
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय विधायक आवास का प्रस्ताव आया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने बिना समुचित पुनर्वास के लोगों के घरों पर बुलडोजर चलवा दिया। उनके अनुसार कई परिवारों को एक कमरे के मकान दिए गए हैं, जहां 20 से 25 सदस्य रहना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास स्थल पर बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
गरीबों को अतिक्रमणकारी बताना गलत: कांग्रेस
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने कहा कि वर्षों से रह रहे मूल ग्रामीणों को अतिक्रमणकारी बताना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गरीबों की आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है और सरकार लगातार गरीबों के मकान व दुकानों पर कार्रवाई कर रही है।
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने कहा कि भाजपा सरकार विधायकों के आवास के नाम पर गरीब परिवारों को बेघर कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदेश में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है तो नकटी गांव के लोगों को ही क्यों हटाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि नकटी गांव में तोड़फोड़ तत्काल रोकी जाए और यदि विधायक आवास बनाने हैं तो किसी अन्य स्थान का चयन किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकास उपाध्याय, कुमार मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे, अनिता शर्मा, पंकज शर्मा, राकेश गुप्ता, धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेंद्र वर्मा, भावेश बघेल, सत्य प्रकाश सिंह, आशीष वर्मा, ऋषभ चंद्राकर सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



