सीजी भास्कर, 07 जुलाई : छत्तीसगढ़ मंत्रालय (Ministry Controversy) में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विवाद तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) की स्थापना शाखा में पदस्थ उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर उन्हें तत्काल मंत्रालय से हटाकर किसी सुदूर जिले में पदस्थ करने की मांग की है। कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि एक ही संवेदनशील पद पर लंबे समय तक पदस्थ रहने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। हालांकि, यह सभी आरोप संघ के हैं।
पांच साल से एक ही पद पर पदस्थ होने पर उठाए सवाल
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ का कहना है कि स्थापना शाखा जैसे महत्वपूर्ण विभाग में लगातार पांच वर्षों तक एक ही अधिकारी के बने रहने से प्रशासनिक निष्पक्षता पर असर पड़ा है। संघ ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि उप सचिव द्वारा मंत्रालयीन संवर्ग के अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से दूर रखा गया, जबकि उनके बैच के कई राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों को मंत्रालय के प्रभावशाली विभागों में पदस्थ किया गया।
अतिरिक्त प्रभार को लेकर भी जताई नाराजगी
कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय ने स्थापना शाखा के मुख्य प्रभार के साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला और इससे संबंधित आदेश अपने हस्ताक्षर से जारी किए। संघ का दावा है कि इस व्यवस्था का विरोध करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रमोशन और पेंशन फाइलों में पक्षपात का आरोप
ज्ञापन में कर्मचारी संघ ने प्रमोशन, पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश से जुड़े मामलों में भी पक्षपात का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी फाइलों में की गई टिप्पणियों से उनके हित प्रभावित हो रहे हैं और इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
आउटसोर्सिंग भर्ती को लेकर भी विरोध
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने मंत्रालय में आउटसोर्सिंग के जरिए बाहरी लोगों की नियुक्ति की तैयारी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय जैसे संवेदनशील स्थान पर बाहरी कर्मचारियों की नियुक्ति से गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। संघ ने इसे नियमित कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया है।
मुख्य सचिव से कार्रवाई की मांग
कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव से पूरे मामले की जांच कर उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय को मंत्रालय से हटाने और किसी अन्य स्थान पर पदस्थ करने की मांग की है। अब इस मामले में शासन स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



