रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 07 जुलाई। गरियाबंद के मैनपुर इलाके में 28 वर्षीय आकाश कश्यप की संदिग्ध मौत को लेकर लोगों के बीच लगातार चर्चा तेज (DGP Investigation) होती जा रही है। गांव में हर तरफ इसी मामले की बात सुनाई दे रही है और परिवार न्याय की उम्मीद में लगातार अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है। माहौल ऐसा है कि स्थानीय लोग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
मृतक के परिजन इसे सामान्य मौत मानने को तैयार नहीं हैं। आकाश कश्यप की बहन आकांक्षा कश्यप लगातार आरोप लगा रही हैं कि उनके भाई की हत्या हुई है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पहले पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई, फिर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी गुहार लगाई गई। अब मामला और ऊपर तक पहुंच गया है।

जिला पंचायत सदस्य ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग DGP Investigation
मामले को गंभीर बताते हुए जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि 29 जून को युवक के साथ कथित रूप से जानलेवा मारपीट हुई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इतने गंभीर मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग
संजय नेताम ने मांग की है कि इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय किसी वरिष्ठ अधिकारी या विशेष जांच दल से कराई जाए। उनका कहना है कि इससे जांच पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी और किसी तरह के दबाव या प्रभाव की आशंका भी खत्म होगी। उनका मानना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
पुलिस की भूमिका की भी जांच हो
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों की लापरवाही, साक्ष्यों से छेड़छाड़, शिकायतों के निपटारे में अनियमितता या कर्तव्य पालन में कमी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई है।
दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग
संजय नेताम का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का पुलिस व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की है कि मामले में हत्या समेत लागू सभी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



