सीजी भास्कर, 08 जुलाई : प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत सर्वे से छूट गए पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा (Vijay Sharma) ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) को पत्र लिखा है। उन्होंने आवास प्लस 2.0 (Awas Plus 2.0) सर्वेक्षण के दौरान सामने आई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से आवश्यक निर्णय लेने और छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल करने की मांग की है।
राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन का किया उल्लेख
अपने पत्र में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन का जिक्र किया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित नहीं रहेगा।
आवास प्लस 2.0 सर्वे में सामने आईं कई समस्याएं
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 (Awas Plus 2.0) की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई थी। इस दौरान कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के समय कई पात्र परिवार पलायन या अन्य कारणों से गांव में मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उनका सर्वे नहीं हो सका और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो पाया।
तकनीकी खामियों से भी छूटे हितग्राही
विजय शर्मा ने पत्र में बताया कि कुछ परिवारों का सर्वेक्षण तो किया गया, लेकिन तकनीकी खामियों अथवा पोर्टल पर जानकारी अपडेट नहीं होने के कारण उनका नाम पात्रता सूची में प्रदर्शित नहीं हुआ। इससे वे ग्राम सभा में दर्ज नहीं हो सके, जबकि वे योजना की पात्रता पूरी करते हैं।
केंद्र सरकार से समाधान की मांग
उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से आग्रह किया कि सर्वेक्षण और तकनीकी कारणों से छूटे हुए सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे राज्य का कोई भी पात्र परिवार अपने पक्के घर के अधिकार से वंचित न रहे।



