सीजी भास्कर, 08 जुलाई : दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना में पदस्थ एक आरक्षक को सड़क हादसे में जब्त वाहन छोड़ने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित (Constable Suspended) कर दिया गया है। शिकायत की जांच के बाद दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक सोलोमन राजू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। मामले की विभागीय जांच भी जारी है।
शिकायतकर्ता विमलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे उनकी कार और एक टीवीएस सुपर एक्सल बाइक के बीच दुर्घटना हो गई थी। हादसे में घायल बाइक सवार को उन्होंने स्वयं अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया था। उनका दावा है कि उस समय किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन कुछ दिन बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
एफआईआर के बाद पुलिस द्वारा लगातार थाने बुलाए जाने और हर बार अलग-अलग दस्तावेज मांगने का आरोप भी शिकायतकर्ता ने लगाया है। उनका कहना है कि इस दौरान कई बार खर्चा-पानी के नाम पर भी रुपये लिए गए।
वाहन रिलीज कराने के नाम पर मांगी मोटी रकम
पीड़ित के अनुसार हादसे के बाद उनकी किया सोनेट कार पुलिस ने जब्त कर ली थी। कोर्ट से वाहन रिलीज कराने की प्रक्रिया के दौरान पहले 1,500 रुपये लिए गए। इसके बाद फोटोकॉपी और अन्य प्रक्रिया का हवाला देकर अतिरिक्त रकम मांगी गई। आखिर में कोर्ट में चालान पेश कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की गई।
जमानत प्रक्रिया में देरी का भी आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि दस्तावेज समय पर कोर्ट में पेश नहीं किए गए, जिससे वाहन रिलीज की प्रक्रिया प्रभावित हुई। उनके भाई को जमानत तो मिल गई, लेकिन कार नहीं छूट सकी। अब वाहन छोड़ने के लिए अगली तारीख का इंतजार करना पड़ रहा है।
एसएसपी ने की सख्त कार्रवाई
मामले की शिकायत मिलने के बाद दुर्ग एसएसपी ने जां च कराई। प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर पाए जाने पर आरक्षक सोलोमन राजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Constable Suspended) कर पुलिस लाइन भेज दिया गया। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



