रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 10 जुलाई। गरियाबंद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख (School Bus) अपनाया है। स्कूल बसों की अचानक हुई जांच में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद परिवहन विभाग और पुलिस ने नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की। वहीं सड़क पर वाहन चलाते मिले नाबालिगों पर भी सख्त कदम उठाए गए।
अभियान के दौरान स्कूलों और अभिभावकों को भी सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

18 स्कूल बसों की हुई जांच School Bus
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देश पर गरियाबंद पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न मार्गों और निजी स्कूलों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान श्रद्धा पब्लिक स्कूल, द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल और एंग्लो एंजल्स पब्लिक स्कूल की कुल 18 स्कूल बसों की जांच की गई।
6 बसों पर लगाया जुर्माना
जांच के दौरान 6 स्कूल बसों में मोटरयान अधिनियम के नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद संबंधित बसों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

फिटनेस और अग्निशमन यंत्र में मिली कमी
संयुक्त जांच के दौरान कुछ बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र समाप्त (School Bus) पाया गया। वहीं बसों में लगे अग्निशमन यंत्र भी निर्धारित अवधि पूरी कर चुके थे। इन खामियों को गंभीर मानते हुए आरटीओ अधिकारियों ने मौके पर ही चालान की कार्रवाई की।
7 नाबालिग वाहन चालक भी पकड़े गए
अभियान के दौरान सड़क पर वाहन चलाते हुए 7 स्कूली नाबालिग भी पकड़े गए। यातायात पुलिस ने सभी मामलों में मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की।

स्कूल प्रबंधन और पालकों को दी चेतावनी
गरियाबंद पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश (School Bus) दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए न दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे संयुक्त जांच अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।



