सीजी भास्कर, 11 जुलाई । बिलासपुर में स्ट्रीट लाइट लगाने का काम करते समय लोहे का पोल ऊपर से गुजर रही 11 KV हाईटेंशन बिजली तार से टकरा गया, जिससे एक महिला समेत पांच मजदूर बुरी तरह झुलस गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। वह बिना सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को काम करा रहा था। घटना सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की है। (Bilaspur 11KV Line Accident)
नगर निगम के वार्ड क्रमांक 11 सिरगिट्टी के आदर्श नगर स्थित पानी टंकी के पास निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाने का काम कराया जा रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे मजदूर लोहे का पोल खड़ा कर रहे थे। जिस जगह पर काम चल रहा था, वहा ऊपर से 11 KV हाईटेंशन तार गुजर रही थी। इस दौरान पोल लगाते समय ऊपर से गुजर रही तार से टकरा गया और पूरे पोल में करंट फैल गया। जिससे पोल पकड़े मजदूर करंट की चपेट में आ गए।
MP के रहने वाले हैं सभी घायल मजदूर : Bilaspur 11KV Line Accident
इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 और पुलिस को सूचना दी। पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में मध्यप्रदेश के मंडला जिले के दीपक यादव (30), मुकेश कुमार (38), सेवाराम (24), प्रहलाद चौरसिया (45) और जयंती धुर्वे शामिल हैं, जो ठेकेदार के माध्यम से स्ट्रीट लाइट लगाने के काम में लगे थे।
ठेकेदार की लापरवाही आई सामने, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बिजली पोल का काम कर रहे मजदूरों के पास पर्याप्त सेफ्टी गियर और सुरक्षा उपकरण नहीं थे। वहीं, हाईटेंशन लाइन के नीचे कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया। नियम के अनुसार हाईटेंशन लाइन पर बिजली सप्लाई बंद कर काम करना था। लेकिन, न तो ठेकेदार और न ही विभाग के जिम्मेदार लोगों ने इस पर ध्यान दिया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के काम कैसे कराया जा रहा था और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। यह हादसा सरकारी कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन और विभागीय निगरानी की गंभीर खामियों को भी उजागर करता है।
विभागीय लापरवाही भी सवालों के घेरे में : Bilaspur 11KV Line Accident
यदि कार्य हाईटेंशन लाइन के नीचे होना था, तो बिजली विभाग से लाइन शटडाउन लेने, सुरक्षा बैरिकेडिंग कराने और प्रशिक्षित सुपरवाइजर की मौजूदगी सुनिश्चित करना विभागीय जिम्मेदारी का हिस्सा था। इन प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है।
पुलिस बोली- जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
इस हादसे के बाद नगर निगम, बिजली विभाग और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह ने कहा कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी, ठेकेदार और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


