रिपोर्टर- आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 12 जुलाई। देर रात इंदागांव क्षेत्र में एक यात्री बस को लेकर हुए विवाद ने कई सवाल खड़े (Forest Officer) कर दिए हैं। बस में सवार यात्रियों का आरोप है कि मामूली बात पर बस को बीच रास्ते रोक दिया गया, जिससे महिलाएं, बच्चे और बीमार यात्रियों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
मामला सामने आने के बाद यात्रियों और बस चालक ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बस रोकने और अभद्र व्यवहार का आरोप Forest Officer
जानकारी के अनुसार, इंदागांव थाना क्षेत्र के काली माटी चौक के पास मां सारदा यात्री बस क्रमांक CG23 F 5740 को रोकने का आरोप इंदागांव धुर्वागुड़ी वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुशील सागर पर लगाया गया है। आरोप है कि साइड नहीं मिलने की बात को लेकर उन्होंने अपने एक साथी के साथ बस को रोक लिया। बताया गया है कि बस में करीब 20 से 22 यात्री सवार थे, जिनमें 10 से 15 महिलाएं, छोटे बच्चे और कुछ बीमार यात्री भी शामिल थे।
डेढ़ घंटे तक खड़ी रही बस
यात्रियों और चालक का आरोप है कि अधिकारी ने अपनी कार CG08 AL 5274 बस के सामने खड़ी कर दी, जिससे बस करीब डेढ़ घंटे तक वहीं रुकी रही। इस दौरान यात्रियों को रात में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बस चालक और परिचालक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
वीडियो सामने आने का दावा Forest Officer
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सामने आने का दावा किया (Forest Officer) जा रहा है। दावा है कि इनमें संबंधित अधिकारी बस चालक से विवाद करते और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
Forest Officer

पुलिस में शिकायत, एफआईआर की मांग
घटना के बाद बस चालक और अन्य लोग इंदागांव थाना पहुंचे, जहां लिखित शिकायत देकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। मामले के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो सार्वजनिक स्थान पर यात्रियों को हुई असुविधा और सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोपों पर क्या कार्रवाई होगी।
अधिकारी का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले में अभी तक वन परिक्षेत्र अधिकारी सुशील सागर, वन विभाग अथवा पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया (Forest Officer) गया है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



