सीजी भास्कर, 15 जुलाई। दफ्तरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ (Meta Layoffs) रहा है। कंपनियां इसे काम आसान बनाने और उत्पादकता बढ़ाने का जरिया मान रही हैं। लेकिन अब इसी तकनीक को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसने कर्मचारियों की निजता और अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
- 26 कर्मचारियों ने दायर किया मुकदमा Meta Layoffs
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- मेडिकल और पारिवारिक अवकाश लेने वालों को बनाया गया निशाना
- छुट्टी लेने पर दी गई थी चेतावनी Meta Layoffs
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- हालिया छंटनी के बीच उठा विवाद
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा के खिलाफ कुछ कर्मचारियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। आरोप है कि कंपनी ने कर्मचारियों के प्रदर्शन का आकलन करने में एआई आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया और इसी प्रक्रिया के बाद कई कर्मचारियों को छंटनी का सामना करना पड़ा।

26 कर्मचारियों ने दायर किया मुकदमा Meta Layoffs
कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित संघीय अदालत में 26 कर्मचारियों ने मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने छंटनी के लिए कर्मचारियों का चयन करते समय एआई आधारित आंतरिक सिस्टम, कीस्ट्रोक और गतिविधि निगरानी डेटा, एआई उपयोग डैशबोर्ड तथा एल्गोरिदम आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन का सहारा लिया। कर्मचारियों का दावा है कि इस प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई।
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मेडिकल और पारिवारिक अवकाश लेने वालों को बनाया गया निशाना
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि एआई सिस्टम ने उन कर्मचारियों की पहचान की जिनका कार्य प्रदर्शन बीमारी, विकलांगता, मातृत्व अवकाश, पैरेंटल लीव या पारिवारिक अवकाश के कारण प्रभावित हुआ था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि छुट्टी के दौरान स्वाभाविक रूप से कार्य आउटपुट कम होने के बावजूद इसका उचित मूल्यांकन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कानून के तहत आवश्यक निष्पक्ष समीक्षा प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया।
छुट्टी लेने पर दी गई थी चेतावनी Meta Layoffs
कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने मेडिकल या पैरेंटल लीव लेने की बात कही, तब उनके प्रबंधकों ने संकेत दिया था कि इससे उनका नाम छंटनी की सूची में आ सकता है। हालांकि इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई के दौरान ही तथ्य और साक्ष्यों की जांच (Meta Layoffs) होगी।
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हालिया छंटनी के बीच उठा विवाद
शिकायत करने वाले कर्मचारी उन करीब 8,000 कर्मचारियों में शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें मेटा की हालिया छंटनी के दौरान नौकरी से हटाया गया। यह संख्या कंपनी के कुल कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत बताई जा रही है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। मेटा की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।



