सीजी भास्कर, 22 जुलाई : छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील (Chhattisgarh Government Review) ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में विभागवार योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रगति और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के प्रकरणों के समय पर निराकरण के लिए दो साल पहले से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
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दो साल पहले शुरू करें रिटायरमेंट प्रक्रिया
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के पेंशन, विभागीय प्रकरणों और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग अपने यहां रिटायर होने वाले कर्मचारियों की विभागवार सूची तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण शासन की प्राथमिकता है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए उनकी प्रगति की लगातार निगरानी जरूरी है। इस दौरान ई-ऑफिस, आधार बेस अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सुघ्घर छत्तीसगढ़, नियद नेल्लानार योजना, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास योजनाओं और पीएम सूर्य घर बिजली योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई।
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सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक ऑनलाइन किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सुविधाएं आसानी से मिल सकें। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के विस्तार और पारदर्शी प्रशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने आई-गॉट (iGOT) प्लेटफॉर्म के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कर्मचारियों को विभागीय आवश्यकता के अनुसार आई-गॉट के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
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विभागीय सचिवों से ली योजनाओं की जानकारी
बैठक में विभिन्न विभागों के सचिवों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं और कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिक योजनाओं को समय सीमा में पूरा करने के लिए बेहतर समन्वय के साथ काम किया जाए।
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बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।



