सीजी भास्कर, 29 जुलाई : छत्तीसगढ़ के भिलाई के लिए गर्व की खबर है। कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग (Prabhat Kumar Prasad IIT Delhi CEEE) विभागाध्यक्ष एवं असिस्टेंट प्रोफेसर प्रभात कुमार प्रसाद का चयन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के प्रतिष्ठित Centre for Engineering Education Excellence (CEEE) Programme 2026-27 के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से प्रदेश और भिलाई का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।

देशभर के चुनिंदा शिक्षकों में बनाई जगह
आईआईटी दिल्ली द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देश के विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों से चुनिंदा फैकल्टी सदस्यों का चयन किया गया है। इनमें सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र से प्रभात कुमार प्रसाद ने भी अपनी जगह बनाई है। यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और अकादमिक नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
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छह महीने तक चलेगा विशेष प्रशिक्षण
CEEE Programme 2026-27 का आयोजन जून से दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। इस छह माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम को Indian National Academy of Engineering (INAE), Infosys Foundation और AICTE के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, अनुसंधान तकनीकों और अकादमिक नेतृत्व से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज में निभा रहे अहम जिम्मेदारी
प्रभात कुमार प्रसाद वर्तमान में भिलाई स्थित कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) के रूप में कार्यरत हैं। वे लंबे समय से तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके चयन को संस्थान के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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संस्थान और मार्गदर्शकों को दिया सफलता का श्रेय
प्रभात कुमार प्रसाद ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज के चेयरमैन आनंद त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. अजय तिवारी और उप प्राचार्य डॉ. रविंद्र शर्मा को दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान के सतत मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के कारण ही उन्हें यह सफलता मिली। साथ ही उन्होंने आईआईटी दिल्ली के सिविल एवं पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वसंत मत्सागर और उनकी टीम का भी आभार व्यक्त किया।
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ेगा लाभ
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम से प्राप्त अनुभव और आधुनिक शिक्षण तकनीकों का लाभ भविष्य में विद्यार्थियों को भी मिलेगा। इससे संस्थान में शिक्षण और शोध की गुणवत्ता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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