सीजी भास्कर, 30 जुलाई : एमसीबी जिले के एक किसान ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर खेती में नई मिसाल पेश (Nano DAP) की है। बढ़ती लागत और उर्वरकों की महंगाई के बीच नैनो डीएपी के इस्तेमाल से उन्हें बेहतर उत्पादन और कम खर्च का लाभ मिला है। अब उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर नई तकनीक अपनाने के बाद फसल की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। इससे न केवल उत्पादन बेहतर हुआ, बल्कि खेती की लागत भी कम हुई, जिससे किसान का आत्मविश्वास बढ़ा है।

नैनो डीएपी का सफल उपयोग
एमसीबी जिले के ग्राम कछौड़ निवासी किसान मिठाईलाल ने इफको नैनो डीएपी का उपयोग कर खेती में सकारात्मक परिणाम हासिल किए। उन्हें कृषि विभाग और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड़ की ओर से इस नई तकनीक की जानकारी दी गई थी।
फसल की बढ़वार और गुणवत्ता में सुधार
कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नैनो डीएपी का उपयोग करने के बाद खेतों में फसल की बढ़वार बेहतर हुई। पौधों की हरियाली और मजबूती बढ़ी तथा फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला।
खेती की लागत में आई कमी Nano DAP
मिठाईलाल के अनुसार पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो डीएपी के उपयोग से खेती पर होने वाला खर्च कम हुआ। कम लागत में बेहतर परिणाम मिलने से उनकी आय बढ़ाने की दिशा में भी मदद मिली।
अब दूसरे किसानों को भी कर रहे प्रेरित
मिठाईलाल बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें इस तकनीक पर संदेह था, लेकिन अच्छे परिणाम मिलने के बाद उनका भरोसा बढ़ गया। अब वे गांव और आसपास के किसानों को भी आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगा किसानों का लाभ Nano DAP
किसान मिठाईलाल का मानना है कि बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाया (Nano DAP) जा सकता है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि नई तकनीकों के सही उपयोग से किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।


