सीजी भास्कर, 02 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उस ट्रक को जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब की सप्लाई के लिए किया गया था। (Chhattisgarh Liquor Scam)
जांच एजेंसियों का दावा है कि वाहन के जरिए विभिन्न होटल और बार तक शराब पहुंचाई गई थी। ट्रक एक निजी उद्योग के नाम पर पंजीकृत बताया गया है और उसके मालिक के रूप में एक कारोबारी का नाम सामने आया है।
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8400 पेटी शराब के अवैध परिवहन का दावा : Chhattisgarh Liquor Scam
जांच एजेंसियों के अनुसार, मार्च और अप्रैल 2020 के लॉकडाउन के दौरान एक डिस्टलरी से करीब 8,400 पेटी शराब का कथित तौर पर अवैध परिवहन और विक्रय किया गया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन कारोबारी अनवर ढेबर के निर्देश पर किया गया। इसी सिलसिले में 1 अगस्त को संबंधित ट्रक को जब्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब तक इस मामले में 24 वाहनों को जब्त किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्ध वाहनों के स्वामित्व और उपयोग की भी जांच जारी है।
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ऑडिट फर्म पर भी कार्रवाई, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
जांच के दौरान EOW-ACB ने सीएसएमसीएल की नोडल ऑडिट फर्म के भिलाई स्थित कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया। यहां से ऑडिट से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। एजेंसी का आरोप है कि ऑडिट प्रक्रिया के दौरान कई शराब दुकानों की जांच नहीं होने दी गई, जिससे कथित अवैध बिक्री के नेटवर्क को फायदा मिला। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से इस कथित शराब घोटाले की जांच कर रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस मामले में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की आशंका जताई गई है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


