सीजी भास्कर, 2 अगस्त : बीजापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हाल ही में बनाई गई एप्रोच सड़क (Approach Road Collapse) पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। पेद्दाबोड़केल और रायगुड़म के बीच लोहे के बैली ब्रिज तक पहुंचने वाली सड़क कई जगहों से कट गई है और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। सड़क खराब होने से चारपहिया वाहनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जबकि ग्रामीण फिलहाल मोटरसाइकिल और साइकिल के सहारे सफर करने को मजबूर हैं।
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पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल
यह वही इलाका है, जहां कुछ समय पहले बैली ब्रिज निर्माण को लेकर काफी चर्चा हुई थी। लेकिन पहली ही बारिश में निर्माण कार्य (Approach Road Collapse) की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क के कई हिस्से बह जाने और धंसने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से क्षेत्र में बेहतर संपर्क की उम्मीद जगी थी, लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण की मजबूती की पोल खोल दी।
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आवागमन हुआ प्रभावित Approach Road Collapse
सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण चारपहिया वाहन और ट्रैक्टर गुजर नहीं पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आवाजाही में दिक्कत हो रही है। कई लोग जोखिम उठाकर टूटी सड़क से मोटरसाइकिल और साइकिल के जरिए सफर कर रहे हैं।
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जांच और मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बाद इलाके में विकास कार्य पहुंचे हैं, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुसार हुआ होता तो पहली ही बारिश में सड़क इस तरह क्षतिग्रस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने, गुणवत्ता जांच (Quality Investigation) कराने और सड़क की तत्काल मरम्मत शुरू करने की मांग की है।
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पहले भी उठ चुके हैं सवाल
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी परियोजना से जुड़े अवैध गिट्टी उत्खनन का मामला सामने आ चुका है। अब एप्रोच सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
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