सीजी भास्कर, 2 अगस्त : सुकमा जिले में लगातार बारिश के बाद अब नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शबरी नदी (Shabari River Flood) और गोदावरी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर जनजीवन पर पड़ रहा है। कोंटा को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पानी में डूब गया है, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
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एनएच-30 पर भरा पानी, यातायात प्रभावित
जानकारी के अनुसार, नेल्लीपाका के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पानी आ गया है। सड़क पर जलभराव के कारण प्रशासन ने एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इससे कोंटा क्षेत्र का आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से संपर्क प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों को भी जलमग्न सड़कों और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
शबरी नदी पहुंची खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश और गोदावरी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर शबरी नदी पर भी दिखाई दे रहा है। नदी का पानी बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि गोदावरी नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। प्रशासन का अनुमान है कि यदि जलस्तर में गिरावट जारी रही तो बैकवाटर का खतरा भी कम हो सकता है।
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प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों और यात्रियों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और डूबी हुई सड़कों को पार नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। फिलहाल प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार निगरानी की जा रही है।



