सीजी भास्कर, 04 अगस्त। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत को लेकर सियासत (Kulgam Terror Attack) तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जिलों तक नहीं पहुंचाए गए और वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस ने इसे संवेदनहीनता बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही मृतकों के परिजनों को अधिक आर्थिक सहायता देने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी की है।

Kulgam Terror Attack पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कुलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले दो मजदूरों में एक सारंगढ़-बिलाईगढ़ और दूसरा सक्ती जिले का निवासी था।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के पार्थिव शरीर उनके घर नहीं लाए गए, जिससे परिजनों को अंतिम दर्शन तक का अवसर नहीं मिल सका।
सरकार की जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप Kulgam Terror Attack
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है कि दूसरे राज्य में हादसे या आतंकी घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मजदूर होने की वजह से उनके साथ अलग व्यवहार किया गया।
यह भी पढ़ें : Bhilai News : सुपेला से सूर्या मॉल तक चला बड़ा अभियान, सड़क से हटे अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और होर्डिंग पर कार्रवाई
20 लाख नहीं, 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग Kulgam Terror Attack
कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों के लिए घोषित 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की मांग की।
पार्टी का कहना है कि दोनों परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं, इसलिए उन्हें अधिक आर्थिक सहायता और दीर्घकालिक राहत दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को भी घेरते हुए कहा कि पहलगाम के बाद अब कुलगाम में हुआ आतंकी हमला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल (Kulgam Terror Attack) खड़े करता है।
पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
खबरें और भी हैं : GPM News : कुड़कई–बरघाट सड़क को मिली नई उम्मीद, मुख्यमंत्री से मिले जिला पंचायत उपाध्यक्ष, रखी बड़ी मांग


