रायपुर, 13 अगस्त। रायपुर में एक बार फिर सरकारी पदोन्नति परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने (GST Exam) लगे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर जीएसटी विभाग में वर्ष 2021 और 2022 में हुई पदोन्नति परीक्षाओं की जांच की मांग की है। उनके आरोप सामने आने के बाद विभागीय परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कंवर का कहना है कि परीक्षा से जुड़े कई पहलू ऐसे हैं, जिन पर गंभीरता से जांच की जरूरत है। उन्होंने पूरे मामले को किसी केंद्रीय जांच एजेंसी के जरिए जांच कराने की मांग प्रधानमंत्री के सामने रखी है। यह मामला पहले भी उनकी शिकायत के चलते चर्चा में रहा है।

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42 पदों के लिए हुई थी परीक्षा GST Exam
ननकीराम कंवर के मुताबिक राज्य कर निरीक्षक के 42 पदों के लिए वर्ष 2021 और 2022 में पदोन्नति परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें करीब 350 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था।
कंवर का आरोप है कि परीक्षा कराने के लिए व्यापमं की मदद नहीं ली गई और विभागीय अधिकारियों ने खुद ही परीक्षा आयोजित की। उनके अनुसार इसी प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं होने की आशंका है।
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सफल अभ्यर्थियों के अंकों पर सवाल
कंवर ने परीक्षा में सफल कर्मचारियों के प्राप्तांकों को लेकर भी सवाल (GST Exam) उठाए हैं। उनका दावा है कि चयनित कर्मचारियों के अंक 80 से 100 प्रतिशत तक रहे। उनके मुताबिक इतने अधिक अंक इस बात की जांच की जरूरत पैदा करते हैं कि कहीं परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध तो नहीं कराया गया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन विभागीय आयुक्त समीर बिश्नोई के निजी सहायक और अन्य अधिकारियों से जुड़े लोगों का चयन हुआ। हालांकि ये सभी आरोप कंवर की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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उत्तर पुस्तिकाओं की प्रक्रिया पर भी आपत्ति
ननकीराम कंवर ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं पर न तो कोई मोहर लगाई गई थी और न ही अधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद थे।
कंवर के मुताबिक ऐसी स्थिति में उत्तर पुस्तिकाओं में बाद में बदलाव किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर उन्होंने परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की जरूरत बताई है।
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केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग
कंवर ने अपने पत्र में तत्कालीन आयुक्त समीर बिश्नोई से जुड़े मामलों का भी उल्लेख (GST Exam) किया है। उन्होंने कहा है कि बिश्नोई के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले चल रहे हैं और इसी आधार पर उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की भी जांच की मांग उठाई है। इन आरोपों को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही प्रमाणित माना जा सकता है।
ननकीराम कंवर ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि जीएसटी विभाग की इन पदोन्नति परीक्षाओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो पदोन्नति प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जानी चाहिए।
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