रायपुर, 13 अगस्त। रायगढ़ में हाईवे किनारे खड़े ट्रेलरों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा (Diesel Theft) किया है। जूटमिल थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए वाहन की असली नंबर प्लेट तक बदल देते थे। मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि डीजल चोरी के लिए स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया जा रहा था। वाहन में चोरी के लिए पाइप, जरिकेन और लोहे का सब्बल रखा गया था। पुलिस ने संदीप कुमार डहरिया और सुनील कुमार केंवट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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फर्जी नंबर प्लेट से डीजल चोरी Diesel Theft
मामला उस समय सामने आया जब फरवरी में अमलीभौना स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के किनारे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। वाहन में सवार लोग मौके से फरार हो चुके थे।
पुलिस ने जब स्कॉर्पियो की तलाशी ली तो अंदर 10 लीटर डीजल से भरी जरिकेन, करीब दो मीटर लंबा पाइप, लोहे का सब्बल और दो मोबाइल फोन मिले। वाहन में अलग अलग नंबरों वाली नंबर प्लेट भी रखी हुई थी।
जांच के दौरान वाहन पर लगी नंबर प्लेट का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने इंजन और चेचिस नंबर के आधार पर स्कॉर्पियो की असली पहचान पता की।
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किराए पर ली गई थी स्कॉर्पियो
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि स्कॉर्पियो को 30 दिसंबर 2025 को पुरुषोत्तम यादव को 45 हजार रुपये मासिक किराए पर दिया गया था। पूछताछ में सामने आया कि पुरुषोत्तम के कहने पर संदीप और सुनील ने वाहन की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी।
इसके बाद दोनों अपने अन्य साथियों के साथ रायगढ़ पहुंचे। गिरोह हाईवे पर खड़े ट्रेलरों को निशाना बनाकर उनसे डीजल निकालने लगा। इसी दौरान एक ट्रेलर चालक की नींद खुल गई और उसने शोर मचा दिया।
ट्रेलर चालक के जागते ही मची भगदड़ Diesel Theft
चालक के शोर मचाने के बाद आरोपी स्कॉर्पियो लेकर भागने लगे। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के किनारे पलट गया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन से मिले सामान और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। लगातार जांच के बाद संदीप कुमार डहरिया और सुनील कुमार केंवट तक पुलिस पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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मुख्य आरोपी जेल में, दो की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव फिलहाल एक दूसरे मामले में केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंद है। उसकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने न्यायालय से उत्पादन वारंट हासिल किया है।
वहीं गिरोह से जुड़े फरार आरोपी शिव कुमार रजक और कुलदीप साण्डे की तलाश (Diesel Theft) की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने हाईवे पर खड़े कितने भारी वाहनों को निशाना बनाया और चोरी की वारदातों में और कौन लोग शामिल रहे हैं।
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हाईवे पर डीजल चोरी पर पुलिस सख्त
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चोरी को अंजाम देने वाले इस गिरोह के खुलासे के बाद पुलिस की नजर अब फरार आरोपियों के साथ चोरी की अन्य घटनाओं पर भी है।



