सीजी भास्कर, 14 अगस्त। छत्तीसगढ़ में सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गंभीर (Stray Cattle Accident) हो गया है। शुक्रवार को कवर्धा और कोरबा में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 24 गोवंश वाहनों की चपेट में आ गए। दोनों घटनाओं में 13 मवेशियों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। हादसों के बाद स्थानीय लोगों और गौसेवकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर स्थायी समाधान की मांग उठाई।
कवर्धा में सुबह हुए हादसे में 7 मवेशी अज्ञात वाहन की चपेट में आए, जिनमें 6 की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कोरबा के दर्री इलाके में देर रात 17 गोवंश को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया। यहां 7 मवेशियों की मौत हुई और 10 घायल बताए जा रहे हैं।

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कवर्धा में सड़क पर बिखरे मवेशी, 6 की मौत Stray Cattle Accident
पहला हादसा कवर्धा के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क पर मौजूद को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
हादसे में 5 गाय और एक बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
मवेशियों की मौत से नाराज लोगों ने कवर्धा-राजनांदगांव मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
स्थायी व्यवस्था की मांग पर चक्काजाम Stray Cattle Accident
ग्रामीणों और गौसेवकों ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी।
लोगों ने सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि आए दिन सड़क हादसों में मवेशियों की जान जा रही है और वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना रहता है।
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स्कूल बसें भी जाम में फंसीं
कवर्धा-राजनांदगांव मार्ग पर चक्काजाम का असर स्कूली वाहनों पर भी पड़ा। इस दौरान करीब 5 से 7 निजी स्कूल बसें जाम में फंस गईं।
स्कूल बसों में मौजूद बच्चों और उनके अभिभावकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
अधिकारियों की समझाइश के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। पुलिस ने अज्ञात वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है।
कोरबा में 17 गोवंश वाहन की चपेट में
दूसरी घटना कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र में देर रात हुई। यहां 17 गोवंश अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए।
हादसे में 7 गोवंश की मौत हो गई, जबकि 10 गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग और गौसेवक मौके पर पहुंचे।
मवेशियों की मौत और घायल गोवंश को देखकर लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन चालक की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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9 दिन पहले बिलासपुर में भी 9 मवेशियों की मौत
मवेशियों के सड़क हादसे का यह सिलसिला नया नहीं है। करीब 9 दिन पहले बिलासपुर में भी तेज रफ्तार ट्रेलर ने मवेशियों के झुंड को कुचल दिया था।
बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे पर हुए उस हादसे में 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद सड़कों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई
सड़कों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े और उनकी सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट राज्य सरकार और NHAI की ओर से की जा रही व्यवस्थाओं को लेकर कई बार नाराजगी जता चुका है। इसके बावजूद अलग-अलग जिलों में मवेशियों के सड़क हादसों में मारे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
कवर्धा और कोरबा की ताजा घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सड़कों पर घूमते मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा।
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