सीजी भास्कर, 22 अगस्त : कांकेर जिले में खनन गतिविधियों के बीच तेंदुए (Leopard Spotted ) की मौजूदगी सामने आई है। अंजरेल की पहाड़ी स्थित खनन क्षेत्र में एक कर्मचारी ने तेंदुए को देखा और सुरक्षित दूरी से उसकी तस्वीर कैमरे में कैद की। तस्वीर सामने आने के बाद इलाके में वन्यजीवों को लेकर उत्सुकता के साथ सतर्कता भी बढ़ गई है।

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खनन क्षेत्र में तेंदुआ दिखने से बढ़ी चिंता
यह मामला कांकेर जिले के अंजरेल क्षेत्र का है। अंजरेल रावघाट लौह अयस्क परियोजना के डिपॉजिट-एफ क्षेत्र का हिस्सा है। यहां मशीनों, भारी वाहनों और श्रमिकों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे सक्रिय खनन क्षेत्र में तेंदुए (Leopard Spotted ) का दिखना आसपास के जंगलों में उसके आवागमन का संकेत माना जा रहा है।
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सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी
तेंदुआ संरक्षित वन्यजीव है। ऐसे में उसके करीब जाने या उसे परेशान करने की कोशिश खतरनाक हो सकती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार तेंदुए की तस्वीर लेने के लिए उसका पीछा करने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
खनन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और वाहन चालकों को भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेंदुआ दिखाई देने पर भीड़ जुटाने या उसका रास्ता रोकने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देना सुरक्षित कदम होगा।
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बढ़ती मानवीय गतिविधियों के बीच संरक्षण की चुनौती
अंजरेल सहित परियोजना क्षेत्र में सात ब्लॉक प्रस्तावित और विकसित किए जाने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। ऐसे में आने वाले समय में मानवीय गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और उनके प्राकृतिक आवास को लेकर चुनौती बढ़ सकती है।
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विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी
अंजरेल में तेंदुए की मौजूदगी (Leopard Spotted) ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। खनन गतिविधियों के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी होगा।
वन क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए कर्मचारियों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है। सुरक्षित दूरी और तत्काल सूचना ही ऐसी परिस्थितियों में सबसे बेहतर उपाय है।
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