बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आवारा मवेशियों का विवाद (Stray Cattle Dispute) खूनी झड़प में बदल गया। बाइक से लौट रहे चार ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
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घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के रलिया गांव के पास की है। जानकारी के मुताबिक, लिमतरा निवासी जीवन मेहर अपने साथी हीरालाल यादव, राकेश बरगाह और मुकेश पटेल के साथ आवारा मवेशियों को दलहा पहाड़ के जंगल में छोड़ने गए थे। काम पूरा करने के बाद रात करीब 9 बजे चारों दो बाइक से वापस लौट रहे थे।
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रास्ता रोककर लाठी-डंडों से हमला
बताया जा रहा है कि रलिया गांव के पास पहले से मौजूद 6 से 8 लोगों ने चारों ग्रामीणों का रास्ता रोक लिया। इसके बाद सभी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। अचानक हुए हमले में चारों घायल हो गए। हमलावरों के संबंध में पुलिस अभी जानकारी जुटा रही है।
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अस्पताल में एक ग्रामीण की मौत
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल ले गए। जीवन मेहर की हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, हीरालाल यादव, राकेश बरगाह और मुकेश पटेल का अस्पताल में उपचार चल रहा है। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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मवेशियों को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एनटीपीसी सीपत के राखड़ डैम से प्रभावित रलिया और आसपास के गांवों के लोगों के बीच आवारा मवेशियों को जंगल में छोड़ने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस इसी पुराने विवाद को हमले की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है।
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पुरानी रंजिश में हमला करने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने ग्रामीणों के लौटने का इंतजार किया और रास्ते में उन्हें घेर लिया। हालांकि, हमले की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। मस्तूरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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