सीजी भास्कर, 25 अगस्त : श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना साकार होगा। राजधानी में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा (Atal Utkrisht Shiksha) योजना के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया।
- 200 बच्चों को प्रतिष्ठित स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा
- 39.67 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी से जारी
- श्रमिकों के लिए 67 कल्याणकारी योजनाएं संचालित
- मुख्यमंत्री ने बच्चों को दिए बड़े सपने देखने के टिप्स
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुल रहे शिक्षा के नए अवसर
- बच्चों ने साझा किए अपने अनुभव
- बच्चों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन
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200 बच्चों को प्रतिष्ठित स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा
रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल, कला और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा (Atal Utkrisht Shiksha) योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ हुई थी। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 200 बच्चों को योजना में शामिल किया गया है।
प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
39.67 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी से जारी
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिलने पर आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।
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श्रमिकों के लिए 67 कल्याणकारी योजनाएं संचालित
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल उन्नयन, रोजगार और आवास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में पहुंचाई गई है। सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने सपनों से समझौता न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को दिए बड़े सपने देखने के टिप्स
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से कहा कि वे बड़े सपने देखें, खूब मेहनत करें और भविष्य में देश-प्रदेश की सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी बच्चों के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहता है तो कोई व्यवसाय और समाजसेवा के क्षेत्र में जाना चाहता है। लक्ष्य कोई भी हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा से तैयार होती है। बच्चों को मिले अवसर का पूरा लाभ उठाकर अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुल रहे शिक्षा के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में शिक्षा और विकास की पहुंच चुनौतीपूर्ण रही। अब सुरक्षा और विकास के प्रयासों के साथ इन इलाकों में नए अवसर खुल रहे हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी पहल की जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास के अवसर पहुंचाना जरूरी है।
बच्चों ने साझा किए अपने अनुभव
समारोह में योजना के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना साझा किया।
रुंगटा पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि नए स्कूल के माहौल और अवसरों से उनका अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास बढ़ा है। अभिभावकों ने भी सरकार के प्रति आभार जताया।
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बच्चों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने पहुंचे। उन्होंने बच्चों से उनके सपनों, पढ़ाई और पसंद के बारे में बातचीत की। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से उनके बचपन, पढ़ाई और जीवन के अनुभवों को लेकर सवाल किए।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के सवालों का सहजता से जवाब देते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और लगातार सीखते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना (Atal Utkrisht Shiksha) के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभावान बच्चों के अवसर सीमित न होने देना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।




