दुर्ग, 25 अगस्त : शहर में फर्जी नंबर प्लेट (Fake Number Plate) के इस्तेमाल का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक वाहन मालिक की कार के नंबर का कथित तौर पर दूसरी कार में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वजह से वाहन मालिक के नाम पर ट्रैफिक चालान और टोल शुल्क कटने लगे।

दुर्ग में कैसे सामने आया मामला Car Number Fraud
रायपुर निवासी मोनिश सोनी ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी टोयोटा वेलफायर कार क्रमांक CG 07 BZ 5226 के समान नंबर किसी अज्ञात व्यक्ति ने दूसरी कार पर लगा रखा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें… Rakhi Special : जवानों को राखी बांधकर बहनों ने दिया सुरक्षा का संदेश, रायपुर को मिले 5 नए प्रोजेक्ट
एक साल से हो रहा था नंबर का इस्तेमाल
शिकायतकर्ता के मुताबिक उनकी कार आरटीओ दुर्ग में उनके नाम पर पंजीकृत है। पिछले करीब एक साल से उन्हें जानकारी मिल रही थी कि उनके वाहन नंबर का इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है। फर्जी नंबर प्लेट (Fake Number Plate) के कारण उनके नाम से ट्रैफिक चालान और टोल शुल्क कटने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
मोनिश सोनी के अनुसार उनके नाम पर करीब 2 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान और 7 से 8 हजार रुपये का टोल शुल्क कट चुका है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपने वाहन नंबर के गलत इस्तेमाल की चिंता भी सताने लगी।
यह भी पढ़ें…Jeevamrit Model Farm : जीपीएम की 160 पंचायतों में तैयार हुए जीवामृत मॉडल फार्म, जैविक खेती को बढ़ावा
ओडिशा में भी सामने आया वाहन का रिकॉर्ड
मोनिश ने पुलिस को बताया कि वह अपनी टोयोटा वेलफायर कार को कभी ओडिशा लेकर नहीं गए। इसके बावजूद उनके वाहन नंबर से वहां संबंधित गतिविधियों और चालान की जानकारी सामने आई। इससे उन्हें आशंका हुई कि उनकी कार के नंबर का इस्तेमाल किसी अन्य वाहन पर किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी नंबर की प्लेट लगी एक दूसरी कार को दुर्ग के हरिनगर क्षेत्र में रजत होम्स के पास इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी मिली है। अब पुलिस इस वाहन की पहचान और उसके चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
यह भी पढ़ें…Teacher Protest : TET अनिवार्यता पर सेवा सुरक्षा की मांग, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन
पुलिस खंगाल रही चालान और टोल रिकॉर्ड
मोहन नगर पुलिस अब संबंधित वाहन, नंबर प्लेट, ट्रैफिक चालान और टोल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरे वाहन पर शिकायतकर्ता की कार का नंबर कब और किसने लगाया।
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फर्जी नंबर प्लेट (Fake Number Plate) के इस्तेमाल से जुड़े इस मामले में आरोपी की पहचान होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें…Rakhi Special : जवानों को राखी बांधकर बहनों ने दिया सुरक्षा का संदेश, रायपुर को मिले 5 नए प्रोजेक्ट
वाहन मालिक ने की कार्रवाई की मांग
मोनिश सोनी ने पुलिस से मांग की है कि उनके वाहन नंबर का कथित रूप से फर्जी इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जुटा रही है।



