सीजी भास्कर, 02 सितंबर। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद तबाही का भयावह मंजर सामने (Nepal Flood Disaster) आया है। दक्षिण-मध्य नेपाल के चितवन जिले में बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। शवों की पहचान पूरी होने से पहले ही प्रशासन ने कुछ शवों को अस्थायी रूप से दफनाना शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि चितवन में करीब 250 शव पहचान के इंतजार में रखे गए थे। बड़ी संख्या में शव मिलने से पुलिस और फोरेंसिक टीमों पर दबाव बढ़ गया है।

वैन में शव ले जाती दिखी पुलिस Nepal Flood Disaster
तबाही के बाद सामने आए दृश्य बेहद भयावह हैं। पुलिस वाहनों और वैन के जरिए शवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया गया।
शनिवार को करीब 100 शवों को अस्थायी रूप से दफनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। शवों को घने जंगल वाले इलाके में ले जाकर एक्सावेटर की मदद से गड्ढे खोदकर दफनाया गया।
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नदी में बहकर सैकड़ों किलोमीटर दूर पहुंचे शव
अधिकारियों के मुताबिक, भोटेकोशी नदी बाढ़ के दौरान कई शवों को बहाकर सैकड़ों किलोमीटर दूर चितवन तक ले आई।
बरामद शवों की पहचान के लिए पुलिस और फोरेंसिक टीमें लगातार काम कर रही हैं। मृतकों के DNA सैंपल लिए जा रहे हैं और पहचान से जुड़ी अन्य जानकारी भी दर्ज की जा रही है।
हर शव को दिया गया रेफरेंस नंबर
प्रशासन ने प्रत्येक शव को एक अलग रेफरेंस नंबर दिया है, ताकि भविष्य में पहचान होने पर उसे संबंधित परिवार को सौंपा (Nepal Flood Disaster) जा सके।
रविवार को भी करीब 50 और शवों के DNA सैंपल लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
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अंतिम संस्कार को लेकर उठे सवाल
बड़ी संख्या में शवों के अस्थायी दफन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ प्रभावित परिवारों का कहना है कि मृतकों को सम्मानजनक अंतिम विदाई नहीं मिल सकी।
वहीं प्रशासन का कहना है कि शवों की संख्या अधिक होने और पहचान की प्रक्रिया जारी रहने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने के लिए अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ी।




