सीजी भास्कर, 04 सितंबर : दंडामी रिसार्ट बुकिंग (Fake Website Scam) के नाम पर पर्यटकों को ठगी के जाल में फंसाने का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने सरकारी पर्यटन संस्था की पहचान का इस्तेमाल कर ऐसी वेबसाइट तैयार की, जिसे देखकर पर्यटकों को उसके असली होने का भ्रम हो सकता था। वेबसाइट के जरिए कमरा बुक करने के नाम पर एडवांस रकम जमा कराई जा रही थी। बाद में पर्यटकों को बुकिंग ही नहीं होने की जानकारी मिली।
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सरकारी लोगो और रिसार्ट की तस्वीरों का इस्तेमाल
मामला छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के चित्रकोट स्थित प्रसिद्ध दंडामी लक्जरी रिसार्ट से जुड़ा है। शिकायत के बाद तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जांच में तीन मोबाइल नंबरों के धारकों को संदिग्ध आरोपित बनाया गया है।
शिकायत छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल में पर्यटन अधिकारी दिनेश जांगड़े ने की है। मंडल की ओर से 23 अगस्त को तेलीबांधा थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। प्रारंभिक जांच में वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका सामने आई है।
Google Search से पर्यटकों को फंसाने का आरोप
शिकायत के अनुसार साइबर अपराधियों ने दंडामी लक्जरी रिसार्ट के नाम पर क्लोन वेबसाइट तैयार की थी। वेबसाइट का डिजाइन इस तरह किया गया था कि वह पहली नजर में अधिकृत वेबसाइट जैसी दिखाई दे। इसमें छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का लोगो, रिसार्ट की तस्वीरें और प्रबंधन से जुड़े पदनामों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि फर्जी वेबसाइट को गूगल सर्च के जरिए पर्यटकों तक पहुंचाया गया। रिसार्ट की जानकारी या ऑनलाइन बुकिंग तलाशने वाले लोग वेबसाइट पर पहुंचते थे। इसके बाद उन्हें दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने के लिए कहा जाता था।
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एडवांस भुगतान के बाद खुला ठगी का राज
पर्यटकों से कमरा बुक कराने के नाम पर अग्रिम राशि जमा कराई जाती थी। भुगतान के बाद जब पर्यटक वास्तविक रिसार्ट पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके नाम से कोई बुकिंग दर्ज ही नहीं थी। इसके बाद कई पर्यटकों ने मामले की जानकारी पर्यटन मंडल को दी। दंडामी रिसार्ट बुकिंग (Fake Website Scam) में सामने आए मामलों के बाद पर्यटन मंडल ने फर्जी वेबसाइट, मोबाइल नंबर और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
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पर्यटकों के लिए जरूरी सावधानी
ऑनलाइन रिसार्ट या होटल बुक करते समय वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचना जरूरी है। किसी अनजान मोबाइल नंबर या संदिग्ध लिंक पर भुगतान करने से बचना चाहिए। खासकर सरकारी पर्यटन स्थलों की बुकिंग के नाम पर भुगतान करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी से सत्यापन करना बेहतर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर ठगी के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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