सीजी भास्कर, 07 सितंबर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं (Raigarh Elephant Terror) ले रहा है। रविवार रात हाथियों के झुंड ने अलग-अलग गांवों में जमकर उत्पात मचाते हुए 21 किसानों की धान की फसल को रौंद दिया। वहीं एक हाथी बस्ती में घुस गया और कच्चे मकान की दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि इन घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
रायगढ़ जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है। हाथियों के लगातार खेतों और रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ड्रोन के जरिए हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है।

धरमजयगढ़ वन मंडल के कई गांवों में फसलों को नुकसान Raigarh Elephant Terror
धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में हाथियों ने किसानों की खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। लैलूंगा रेंज के बनेकेला और झगरपुर गांव में हाथियों ने तीन किसानों की फसल रौंद दी।
वहीं धरमजयगढ़ रेंज के धरमपुर गांव में घनश्याम और कृष्ण यादव के चार खेत हाथियों की चपेट में आ गए। रात के समय खेतों में पहुंचे हाथियों ने खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया।
कोयलार गांव में धनाराम, लुधुराम, रत्नाराम और कुमार राठिया की धान की फसल भी प्रभावित हुई। इसके अलावा गेरसा गांव में किसान बैजनाथ के खेत को भी हाथियों ने रौंद दिया।
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14 हाथियों के दल ने नौ किसानों की फसल रौंदी
बोरो रेंज के पोरिया, बताती और किंध्रा गांव में 14 हाथियों का एक दल पहुंचा। हाथियों ने गांवों के आसपास विचरण करते हुए खेतों में घुसकर जमकर नुकसान पहुंचाया।
इस दौरान नौ किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई। इनमें रामप्रसाद, राजेश्वर, बुधराम, रामलाल, रामकुमार, विनोद, मोहर, राम प्रधान और रामकुमार सान शामिल हैं।
हाथियों के दल के लगातार गांवों के आसपास घूमने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
बस्ती में घुसा हाथी, कच्चे मकान की दीवार को पहुंचाया नुकसान
बकरूमा रेंज के रैरूमा गांव में एक हाथी रात के समय बस्ती तक पहुंच गया। हाथी ने सुंदर साय के कच्चे मकान को नुकसान पहुंचाते हुए उसकी दीवार क्षतिग्रस्त कर दी।
घटना के दौरान परिवार के सदस्य सुरक्षित रहे और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हाथी के बस्ती तक पहुंचने के बाद गांव के लोगों में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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रायगढ़ जिले में 139 हाथियों की मौजूदगी Raigarh Elephant Terror
वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडलों में कुल 139 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में मौजूद हैं।
धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 112 हाथी हैं। इनमें 36 नर, 47 मादा और 29 शावक शामिल हैं। वहीं रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में 27 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है।
इन 27 हाथियों में छह नर, 16 मादा और पांच शावक शामिल हैं। जिले में हाथियों की इतनी बड़ी संख्या वन विभाग के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है।
ड्रोन से हो रही निगरानी, गांवों में कराई जा रही मुनादी
हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग लगातार उनकी निगरानी कर रहा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन के जरिए भी हाथियों की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
जिन गांवों के आसपास हाथियों की मौजूदगी है, वहां मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों को खासतौर पर रात के समय अकेले जंगल और खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें भगाने की कोशिश न करें। किसी भी तरह की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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हाथियों के लगातार खेतों और बस्तियों तक पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ती (Raigarh Elephant Terror) जा रही है। एक ओर उनकी मेहनत से तैयार धान की फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी ओर जंगली हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।



