सीजी भास्कर, 07 सितंबर। महतारी वंदन योजना में अपात्र हितग्राहियों के खिलाफ महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई (Mahtari Vandan Yojana) की है। विभागीय जांच और सत्यापन के बाद बस्तर जिले में 5925 महिला हितग्राहियों के नाम योजना की सूची से हटा दिए गए हैं।
हटाए गए नामों में करीब 2 हजार ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके अलावा दस्तावेजों में गड़बड़ी और सरकारी सेवा में रहते हुए योजना का लाभ लेने के मामले भी सामने आए हैं।

मृत हितग्राहियों के खाते में जारी होती रही राशि Mahtari Vandan Yojana
विभाग के अनुसार, कई मामलों में हितग्राही की मृत्यु की जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण उनके बैंक खातों में योजना की राशि जारी होती रही।
अब ऐसे मामलों की पहचान कर नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और गलत तरीके से जारी की गई राशि की रिकवरी भी की जा रही है। विभाग अब तक 5 लाख 80 हजार 800 रुपए की वसूली कर चुका है।
अपात्र पाए गए हितग्राहियों को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
5600 महिलाओं ने अब तक नहीं कराया e-KYC
वहीं, बस्तर जिले में करीब 5600 हितग्राहियों ने अब तक e-KYC की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन हितग्राहियों का सत्यापन तेज कर दिया है।
विभाग के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया के तहत e-KYC और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं होने पर इन नामों को भी योजना की सूची से हटाया जा सकता है।
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हर महीने मिलते हैं एक हजार रुपए
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिला हितग्राहियों को राज्य सरकार की ओर से हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता DBT के माध्यम से बैंक खाते में दी जाती है।
योजना की शुरुआत के पहले महीने बस्तर जिले की करीब 1 लाख 94 हजार महिलाओं को पहली किस्त जारी की गई थी। अब विभाग की जांच के बाद बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से पात्रता सत्यापन और e-KYC की प्रक्रिया पर जोर बढ़ गया है।




