सीजी भास्कर, 07 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्मार्ट मीटर (Smart Meter Update) का उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी (E-KYC) अनिवार्य की जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) सितंबर से प्रदेशभर में यह अभियान शुरू करेगी। इसका उद्देश्य वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान करना, अवैध बिजली कनेक्शनों पर रोक लगाना और बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
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सितंबर से घर-घर होगी स्मार्ट मीटर की E-KYC
CSPDCL के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी घर-घर जाकर की जाएगी। इसके लिए मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। ई-केवाईसी के दौरान आधार नंबर, फेस वेरिफिकेशन और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से उपभोक्ता का सत्यापन किया जाएगा। ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जहां उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के जरिए स्वयं भी अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकेंगे।
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नाम परिवर्तन का भी मिलेगा मौका
बिजली कंपनी का कहना है कि इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो जाएगा कि जिस व्यक्ति के नाम पर बिजली कनेक्शन है, वही उस मकान में रह रहा है या नहीं। यदि किसी कनेक्शन में नाम बदलने की आवश्यकता होगी तो संबंधित उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे फर्जी और अवैध बिजली कनेक्शनों की पहचान आसान होगी तथा बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
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केंद्र सरकार के निर्देश पर शुरू होगा अभियान
CSPDCL यह अभियान केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश पर शुरू करने जा रही है। देश के कई राज्यों में पहले से ही स्मार्ट मीटर की ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में यह अभियान जारी है, जबकि उत्तर प्रदेश में अधिकांश उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है।
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ई-केवाईसी क्यों है जरूरी?
स्मार्ट मीटर की ई-केवाईसी के जरिए उपभोक्ता का 12 अंकों का आधार नंबर उसके बिजली खाते (CA Number) से जोड़ा जाएगा। इससे वास्तविक उपभोक्ता की पहचान सुनिश्चित होगी, बिजली चोरी पर रोक लगेगी, बिलिंग व्यवस्था में सुधार होगा और पात्र उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके खाते तक पहुंच सकेगी। बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी। यदि कोई कर्मचारी ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत 1912 हेल्पलाइन पर की जा सकती है।
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इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बिजली बिल में दर्ज सीए नंबर, बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए राशन कार्ड तथा सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
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डेटा सुरक्षा भी होगी बड़ी जिम्मेदारी
आधार आधारित ई-केवाईसी के बाद उपभोक्ताओं का डेटा बिजली कंपनी के पास सुरक्षित रहेगा। ऐसे में CSPDCL के सामने उपभोक्ताओं की निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसके लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।



