सीजी भास्कर, 09 सितम्बर। कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय कॉलेज छात्रा ने कथित तौर पर छेड़छाड़ से परेशान होकर जहर खा लिया। तीन दिन तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गांव के ही 17 वर्षीय नाबालिग पर छात्रा को परेशान करने, छेड़छाड़ करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। (College Student Death Case)
रास्ता रोककर परेशान करने का आरोप : College Student Death Case
परिजनों के मुताबिक, नाबालिग लंबे समय से छात्रा को परेशान कर रहा था। वह कॉलेज आने-जाने के दौरान उसका रास्ता रोकता और छेड़छाड़ करता था। आरोप है कि वह छात्रा पर मिलने का दबाव भी बनाता था और उसकी मां व भाइयों के नाम सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने की धमकी देता था।
परिवार का कहना है कि नाबालिग को कई बार समझाया गया, लेकिन उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं। इसके चलते छात्रा तनाव में रहने लगी थी और वह परेशान होकर आत्महत्या करने की बात भी कहती थी।

3 सितंबर को खाई चूहा मारने की दवा
परेशानी के बीच छात्रा ने 3 सितंबर को चूहा मारने की दवा खा ली। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और लगातार उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। शुरुआती इलाज (College Student Death Case) के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां तीन दिन उपचार के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई।
पिता नहीं थे, भाइयों के बाहर रहने से मां के साथ रहती थी
छात्रा के पिता नहीं थे। उसके दोनों भाई काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। वह अपनी मां के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कॉलेज में दाखिला लिया था। परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई में अच्छी थी। रक्षाबंधन पर दोनों भाई घर आए थे। इसके बाद छोटा भाई काम के लिए दिल्ली चला गया, जबकि बड़ा भाई कोरबा में ही था। छात्रा की मौत की सूचना दोनों भाइयों को फोन पर दी गई।
पहले भी थाने में शिकायत का दावा : College Student Death Case
परिजनों ने बताया कि नाबालिग की हरकतों को लेकर पहले भी थाने में मौखिक शिकायत की गई थी। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, जिला मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले में आरोपों की जांच की जा रही है।


