सीजी भास्कर, 10 सितंबर : रिसॉर्ट के बिजली बोर्ड में छिपे किंग कोबरा का रेस्क्यू (Korba King Cobra Rescue) होने से हड़कंप मच गया। करीब आठ फीट लंबे जहरीले सांप को बेहद संकरी जगह से निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को करीब एक घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद टीम ने बिना नुकसान पहुंचाए किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिजली बोर्ड के पीछे छिपा था सांप
मामला कोरबा के सतरेगा पर्यटन स्थल स्थित रिसॉर्ट का है। रेस्ट हाउस के मैनेजर इस्तीखार खान की नजर विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे छिपे सांप पर पड़ी। उन्होंने तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दी, जिसके बाद प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंची।
बिजली बोर्ड में किंग कोबरा का रेस्क्यू (Korba King Cobra Rescue) आसान नहीं था, क्योंकि सांप बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ था। रेस्क्यू शुरू करने से पहले विद्युत विभाग की मदद से बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, ताकि सांप को निकालते समय किसी तरह का हादसा न हो।
एक घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू
टीम ने बेहद सावधानी से बिजली मीटर बोर्ड के पीछे छिपे किंग कोबरा को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लगभग आठ फीट लंबे सांप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किंग कोबरा को निकालते समय आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया।
प्रशिक्षित टीम की मदद से किंग कोबरा को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई (Korba King Cobra Rescue) पूरी होने के बाद पंचनामा की कार्रवाई की गई। इसके बाद सांप को उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू के दौरान सांप को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
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इलाके में छोटे किंग कोबरा दिखे
पिछले कुछ समय से लेमरू, बालको और पसरखेत समेत आसपास के वन क्षेत्रों में छोटे आकार के किंग कोबरा दिखाई देने की जानकारी सामने आती रही है। अलग-अलग स्थानों पर कम उम्र के किंग कोबरा मिलने की घटनाएं वन क्षेत्र में इस प्रजाति के अनुकूल वातावरण होने की संभावना की ओर संकेत करती हैं।
हालांकि, इन इलाकों में किंग कोबरा की वास्तविक संख्या, उनके आवास और प्रजनन की स्थिति को लेकर अभी स्पष्ट आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए वैज्ञानिक अध्ययन और व्यवस्थित सर्वे की जरूरत होगी। ऐसे में किंग कोबरा की मौजूदगी (Korba King Cobra Rescue) को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेषज्ञ अध्ययन जरूरी है।
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लोगों ने नहीं मारा, टीम को बुलाया
किंग कोबरा जैसे विषैले सांप के सामने आने के बाद भी उसे मारने के बजाय वन विभाग और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। समय पर सूचना मिलने से सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सका।
वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू की यह प्रक्रिया (Korba King Cobra Rescue) मानव और वन्यजीव के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व का संदेश भी देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में सांप मिलने पर खुद पकड़ने या मारने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम अथवा वन विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित है।
रिसॉर्ट में मचा था हड़कंप
करीब आठ फीट लंबे किंग कोबरा के बिजली बोर्ड के पीछे छिपे होने की खबर फैलते ही रिसॉर्ट में हड़कंप मच गया। समय रहते बिजली बंद कर रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जिसके बाद सावधानी से ऑपरेशन पूरा किया गया। किंग कोबरा रेस्क्यू ऑपरेशन (Korba King Cobra Rescue) के सफल होने के बाद रिसॉर्ट प्रबंधन और आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
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