सीजी भास्कर, 16 सितंबर : छत्तीसगढ़ ने विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy Chhattisgarh) को लेकर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में राज्य की टीम ने कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने, संसाधन दक्षता और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों पर वैश्विक विशेषज्ञों के साथ चर्चा की।

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सोनमणि बोरा के नेतृत्व में पहुंची राज्य की टीम
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल फोरम में शामिल हुआ। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ सुमीत अग्रवाल भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
फोरम में राज्य की ओर से टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं को भी समझा।
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कचरे को संसाधन में बदलने पर जोर
सोनमणि बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ शहरों के निर्माण को गति मिलेगी। साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्य के प्रयास और मजबूत होंगे।
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वेस्ट-टू-रिसोर्स तकनीकों पर विशेषज्ञों से चर्चा
फोरम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, तकनीक विकसित करने वाले संस्थान और क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान संसाधनों के बेहतर उपयोग, टिकाऊ उत्पादन और उपभोग तथा वेस्ट-टू-रिसोर्स जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कचरे से संसाधन निर्माण (Circular Economy Chhattisgarh) के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और मॉडलों पर भी प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए।
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प्रदर्शनी केंद्रों में देखी नई तकनीक
छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने फोरम के दौरान प्रदर्शनी केंद्रों का भी अवलोकन किया। यहां रिसाइक्लिंग, संसाधनों की रिकवरी और कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से जुड़ी तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा टिकाऊ सामग्री और सर्कुलर बिजनेस मॉडल से जुड़े समाधान भी प्रदर्शनी में शामिल रहे। टीम ने इन तकनीकों के जरिए कचरे को बोझ के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने की संभावनाओं को समझा।
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शहरी विकास के लिए उपयोगी समाधानों की तलाश
फोरम में सहभागिता से राज्य की टीम को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के शहरी विकास और अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र के लिए उपयोगी नवाचारों की संभावनाओं पर भी विचार किया। खास तौर पर संसाधन दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-वैल्यू से जुड़े समाधानों पर फोकस रहा। टिकाऊ शहरी विकास (Circular Economy Chhattisgarh) की दिशा में ऐसे वैश्विक अनुभव छत्तीसगढ़ के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
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स्वच्छ और टिकाऊ शहरों की दिशा में पहल
वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से राज्य के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधन दक्षता से जुड़े नए विकल्पों को समझने का अवसर मिला। फोरम से मिले अनुभवों के आधार पर भविष्य में कचरे के बेहतर प्रबंधन और उसके पुन: उपयोग से जुड़े समाधानों पर काम करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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