सीजी भास्कर, 16 सितंबर : दुर्ग के शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान में गड़बड़ी (Salary Irregularity) का मामला सामने आया है। तबादले के बाद नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के बावजूद एक शिक्षक को करीब 13 महीने तक वेतन भुगतान किए जाने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद संबंधित शाखा के कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षक देवेंद्र राय का तबादला शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तितुरडीह, दुर्ग से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोदवागोदान, पंडरिया किया गया था। उन्होंने जून 2025 में नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं किया। इसके बावजूद जुलाई 2026 तक उनका वेतन आहरित होता रहा।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Officer Transfer : मंत्रालय में 3 उप सचिवों का तबादला, मनीष मिश्रा को स्कूल शिक्षा विभाग
जून 2025 में हुआ तबादला
तबादले के बाद वेतन (Salary Irregularity) का मामला युक्तियुक्तकरण से जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिशेष शिक्षकों की नई पदस्थापना की गई थी। दुर्ग जिले में 2 और 5 जून को अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग हुई थी। इसके बाद संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग के आदेश क्रमांक 187, दिनांक 7 जून के तहत देवेंद्र राय को कोदवागोदान स्कूल में पदस्थ किया गया।
यह भी पढ़ें : Raipur Property Tax : 30 सितंबर तक पूरा प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, मिलेगी 5% छूट
नई जगह ज्वाइन नहीं किया
देवेंद्र राय ने नई पदस्थापना वाले स्कूल में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बावजूद बीईओ कार्यालय दुर्ग के वेतन कक्ष से जुलाई 2026 तक उनका वेतन आहरित होता रहा। मामला सामने आने के बाद अब वेतन भुगतान की प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें : CGPSC Interview : सीजीपीएससी में 265 पदों पर 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू में, कांग्रेस ने 187 कम चयन पर मांगा जवाब
एलपीसी और रिलीविंग पर सवाल
एलपीसी प्रक्रिया में गड़बड़ी (Salary Irregularity) को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सामान्य प्रक्रिया के तहत स्थानांतरण के बाद पुराने कार्यालय से अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) जारी होता है। नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग के बाद इसी आधार पर वेतन आहरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इस मामले में एलपीसी जारी नहीं होने और सर्विस बुक में रिलीविंग दर्ज नहीं होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद वेतन देयक तैयार कर भुगतान किए जाने की जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh B.Ed Admission : बीएड-डीएलएड की चौथी सूची जारी, 19 सितंबर तक प्रवेश का मौका
बाबू को कारण बताओ नोटिस
मामले के सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी विनोद शुक्ला ने वेतन देयक तैयार करने वाली शाखा के प्रभारी बाबू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि शिक्षक के नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के बावजूद जुलाई 2026 तक वेतन किस आधार पर आहरित किया गया।
यह भी पढ़ें : Child Abuse Case : रायपुर में 8 साल की बच्ची से घर में घुसकर जबरदस्ती की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार
मेनका साहू का मामला भी सामने आया
वेतन अनियमितता का पुराना मामला (Salary Irregularity) भी विभाग के सामने आ चुका है। शिक्षिका मेनका साहू का हरदी, डोंगरगांव तबादला हुआ था, लेकिन उन्होंने नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं किया। इसके बावजूद जिले से उनका वेतन आहरित होता रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितता और मिलीभगत प्रमाणित होने की बात सामने आई थी। संबंधितों पर कार्रवाई का प्रकरण संयुक्त संचालक कार्यालय में लंबित बताया गया है।
यह भी पढ़ें : Circular Economy Chhattisgarh : विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में छत्तीसगढ़ की भागीदारी, कचरे से संसाधन बनाने पर मंथन
दूसरे मामलों की भी होगी जांच
एक और मामला सामने आने के बाद विभाग अब ऐसे अन्य प्रकरणों की भी जानकारी जुटा रहा है। बीईओ ने संबंधित कर्मचारियों से संदिग्ध मामलों का विवरण मांगा है। बीईओ विनोद शुक्ला के मुताबिक, शिक्षक को एलपीसी जारी करने के साथ बाबुओं को कारण बताओ नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसे और मामले होने की आशंका को देखते हुए रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के बाद रिकवरी और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
खबरें और भी हैं : Chhattisgarh Golf Destination : देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़, नवा रायपुर ओपन से बढ़ी उम्मीद



