सीजी भास्कर, 18 सितंबर : छत्तीसगढ़ में पर्यटन निवेश (Chhattisgarh Tourism Investment) को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म बोर्ड की विभिन्न पर्यटन इकाइयों को लीज़ पर देने की तैयारी है। इसके लिए ‘एक्सप्लोर, इनवेस्ट, ट्रांसफार्म’ थीम पर प्री-एनआईटी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को होटल, मोटल, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन इकाइयों की लीज़ एवं टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
- पर्यटन प्रॉपर्टीज में निवेश के अवसर
- लीज़ प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर
- पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं
- पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
- सिंगल विंडो से आसान होगी निवेश प्रक्रिया
- सब्सिडी और सरकारी प्रोत्साहनों की जानकारी
- पीपीपी मॉडल से पर्यटन विकास पर चर्चा
- डिजिटल सत्यापन से सेवाओं को आसान बनाने पर जोर
- ‘एक्सप्लोर, इनवेस्ट, ट्रांसफार्म’ थीम पर कॉन्फ्रेंस

यह भी पढ़ें : PWD Tender System : 1 अक्टूबर से बदलेगा टेंडर सिस्टम, नई निविदाएं GePNIC पर होंगी

पर्यटन प्रॉपर्टीज में निवेश के अवसर
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे के प्रस्तुतीकरण से हुई। उन्होंने निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को बोर्ड की विभिन्न प्रॉपर्टीज की जानकारी दी। इसमें उनकी लोकेशन, उपलब्ध सुविधाएं, प्रमुख विशेषताएं और पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को बताया गया।
उन्होंने कहा कि बोर्ड की कई प्रॉपर्टीज प्रमुख पर्यटन स्थलों और आकर्षक लोकेशन पर स्थित हैं। निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश के माध्यम से इन इकाइयों में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

यह भी पढ़ें : Holistic Progress Card : छत्तीसगढ़ के 33 स्कूलों में लागू होगा नया मूल्यांकन सिस्टम
लीज़ प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर
सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि निवेशकों को लीज़ प्रक्रिया से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे अधिक से अधिक योग्य निवेशक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे और पर्यटन इकाइयों के बेहतर संचालन एवं विकास की संभावना बढ़ेगी।
पर्यटन इकाइयों में निवेश के अवसर (Chhattisgarh Tourism Investment) उपलब्ध कराने के साथ बोर्ड का जोर प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने पर है।
यह भी पढ़ें : Jogi Congress Merger : निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ी हलचल, जोगी कांग्रेस के विलय पर होगा मंथन

पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं
पर्यटन एवं संस्कृति सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन उद्योग को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्पष्ट रणनीति के साथ पर्यटन विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और विविध पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। परिस्थितियों में सुधार के साथ पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है और निवेशकों की रुचि भी बढ़ रही है।
राज्य में पर्यटन निवेश (Chhattisgarh Tourism Investment) को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थल प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधताओं से समृद्ध हैं। होटल और रिसॉर्ट की आकर्षक लोकेशन पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन प्रॉपर्टीज का विकास बेहतर सुविधाओं के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन अनुभव को समृद्ध करने के उद्देश्य से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़ते हैं। प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें : Balod Bus Accident : करहीभदर मोड़ पर मौत का सफर, यात्रियों से भरी बस पलटी, कंडक्टर की मौत, 25 से ज्यादा घायल
सिंगल विंडो से आसान होगी निवेश प्रक्रिया
कॉन्फ्रेंस में निवेश प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया। निवेशकों को विभिन्न विभागों और प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी गई।
इस व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक अनुमतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का प्रयास है।

सब्सिडी और सरकारी प्रोत्साहनों की जानकारी
सीएसआईडीसी के उप संचालक अमेय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों में निवेश के लिए उपलब्ध सब्सिडी, प्रोत्साहन और अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में पात्र परियोजनाओं, निवेश सुविधाओं तथा विभिन्न सहायता एवं प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की गई।
यह भी पढ़ें : Electric Shock : खेत में फसल की रखवाली करने गया किसान, बिजली के तार की चपेट में आकर मौत
पीपीपी मॉडल से पर्यटन विकास पर चर्चा
अर्नेस्ट एंड यंग के पार्टनर एवं पीपीपी एक्सपर्ट अंकुर गर्ग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने पीपीपी मॉडल की संरचना, सरकारी एवं निजी क्षेत्र की भूमिका, निवेश, परियोजना संचालन और राजस्व मॉडल सहित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश (Chhattisgarh Tourism Investment) के माध्यम से सुविधाओं के विकास एवं संचालन को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
यह भी पढ़ें : iPhone Evolution : 35 हजार से शुरू हुआ iPhone का सफर, आज लाखों तक पहुंची कीमत; ऐसे बदला Apple का फोन
डिजिटल सत्यापन से सेवाओं को आसान बनाने पर जोर
यूआईडीएआई दिल्ली के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने आधार आधारित डिजिटल और ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था की उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल पहचान सत्यापन पर्यटन क्षेत्र के साथ पुलिस और अन्य सरकारी विभागों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने सिक्योर क्यूआर कोड के माध्यम से दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचने की प्रक्रिया भी समझाई। इससे अधिकृत संस्थाओं को पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़ें : Application Pending : 17 जाति प्रमाण पत्र आवेदन लंबित, स्टेनो पर इतने रुपये का लगा जुर्माना
‘एक्सप्लोर, इनवेस्ट, ट्रांसफार्म’ थीम पर कॉन्फ्रेंस
प्री-एनआईटी कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में पर्यटन निवेश की संभावनाओं (Chhattisgarh Tourism Investment) को निवेशकों के सामने रखना और टूरिज्म बोर्ड की होटल, मोटल एवं रिसॉर्ट इकाइयों को लीज़ पर देने की प्रक्रिया को स्पष्ट करना रहा। कार्यक्रम में सरकारी प्रोत्साहन, सिंगल विंडो सुविधा, पीपीपी मॉडल, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर चर्चा हुई।
इस पहल के जरिए राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन संपदा को निवेश, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाया गया।
यह भी पढ़ें : Pathalgaon Kunkuri Highway : 125 करोड़ से 64 किमी सड़क निर्माण को मिली गति, 24 महीने में पूरा होगा काम



