सीजी भास्कर, 18 सितम्बर। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैन्य विमानों और ड्रोन्स को हुए नुकसान ने आधुनिक युद्ध तकनीक को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इन सभी नुकसानों को दुश्मन के हमले से जोड़ना सही नहीं होगा, क्योंकि कुछ मामले फ्रेंडली फायर, तकनीकी खराबी और दुर्घटनाओं से भी जुड़े बताए गए हैं। (US Military Aircraft Losses Iran War)
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KC-135 टैंकर और AWACS विमान भी प्रभावित होने की खबर : US Military Aircraft Losses Iran War
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघर्ष के दौरान अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन समेत कई सैन्य प्लेटफॉर्म प्रभावित हुए हैं। F-15E स्ट्राइक ईगल, F-35A, A-10 और KC-135 टैंकर जैसे विमानों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कुछ हेलीकॉप्टर और AWACS विमान भी प्रभावित हुए हैं।
इस बीच यमन में हूती विद्रोहियों की ओर से अमेरिकी F-15 को मिसाइल से निशाना बनाने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
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हाई-टेक सैन्य प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा पर उठे सवाल
इन घटनाओं ने आधुनिक युद्ध में महंगे और हाई-टेक सैन्य प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बदलते युद्धक्षेत्र में छोटे ड्रोन और कम लागत वाले एयर-डिफेंस सिस्टम भी बड़े सैन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौती बन रहे हैं।
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आधुनिक युद्ध में Aircraft Survivability पर बढ़ा फोकस : US Military Aircraft Losses Iran War
अब आधुनिक एयर पावर की अहम परीक्षा सिर्फ हथियारों की क्षमता नहीं, बल्कि दुश्मन के एयर डिफेंस के बीच विमानों और ड्रोन्स की सर्वाइवेबिलिटी यानी सुरक्षित रहने की क्षमता भी होगी।
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