सीजी भास्कर, 18 सितंबर : सरकारी सेवाओं में तय समय-सीमा का पालन नहीं करने पर अब जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। अभनपुर तहसील में जाति प्रमाण पत्र के 17 आवेदन निर्धारित अवधि के बाद भी लंबित पाए गए। देरी के मामले में स्टेनो हेमलता दीवान पर कुल 1700 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। लंबित आवेदन (Application Pending) मिलने के बाद प्रशासन ने प्रति आवेदन 100 रुपए के हिसाब से जुर्माना तय किया।
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17 आवेदन लंबित
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जाति प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदनों का तय समय में निराकरण किया जाना था। जांच के दौरान 17 आवेदन ऐसे मिले, जिनका निर्धारित अवधि में निराकरण नहीं हुआ था।
प्रशासन ने प्रत्येक लंबित आवेदन पर 100 रुपए का अर्थदंड लगाया। इस तरह 17 आवेदनों पर कुल 1700 रुपए का जुर्माना निर्धारित किया गया। अर्थदंड की राशि नियमानुसार चालान के माध्यम से शासकीय कोष में जमा कराई गई है।
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प्रति आवेदन 100 रुपए
अभनपुर तहसील में सामने आए मामले में नियम के अनुसार प्रत्येक लंबित आवेदन पर 100 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। 17 आवेदनों की संख्या के आधार पर कुल राशि 1700 रुपए हुई। प्रशासन की कार्रवाई में देरी के लिए संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही तय की गई है। इसका उद्देश्य तय समय-सीमा में नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार की गई। निर्धारित समय में आवेदनों का निराकरण नहीं होने को सेवा में लापरवाही के तौर पर लिया गया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत अर्थदंड लगाया गया। प्रशासन ने समय-सीमा में सरकारी सेवाएं देने पर जोर दिया है।
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स्टेनो पर जुर्माना
जाति प्रमाण पत्र के 17 आवेदन लंबित मिलने के बाद स्टेनो हेमलता दीवान पर 1700 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। राशि चालान के जरिए शासकीय कोष में जमा कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक ऐसी कार्रवाई से सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा के पालन की जिम्मेदारी तय होती है।
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क्या है लोक सेवा गारंटी
लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं तय समय-सीमा में उपलब्ध कराना है। इसके तहत कई सेवाओं के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था का मकसद लोगों को जरूरी दस्तावेज और प्रमाण पत्र के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है।
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देरी पर जवाबदेही
यदि निर्धारित अवधि में किसी आवेदन का निराकरण नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जा सकती है। नियमों के तहत कुछ मामलों में जिम्मेदार व्यक्ति पर अर्थदंड लगाने का भी प्रावधान है। अभनपुर तहसील में हुई कार्रवाई (Application Pending) इसी व्यवस्था के तहत की गई है।
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प्रमाण पत्र जरूरी
जाति प्रमाण पत्र विद्यार्थियों, नौकरी और विभिन्न सरकारी योजनाओं में उपयोग होने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके लिए आवेदन लंबे समय तक लंबित रहने पर आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन की ओर से प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदनों का समय पर निराकरण करने पर जोर दिया जा रहा है।
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समय-सीमा पर जोर
प्रशासन की कार्रवाई के बाद सरकारी सेवाओं के आवेदनों का तय समय में निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने से लंबित मामलों की निगरानी भी आसान होगी।
शासकीय कोष में जमा
17 लंबित आवेदनों पर लगाया गया कुल 1700 रुपए का अर्थदंड नियमानुसार चालान के माध्यम से शासकीय कोष में जमा कराया गया है। इसमें प्रत्येक आवेदन के लिए 100 रुपए की दर लागू की गई।
लापरवाही पर कार्रवाई
अभनपुर तहसील में जाति प्रमाण पत्र के 17 आवेदन तय समय-सीमा के बाद लंबित पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। स्टेनो पर जुर्माना लगाने के साथ प्रशासन ने सरकारी सेवाओं के समयबद्ध निराकरण का संदेश दिया है।
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1700 रुपए का अर्थदंड
17 आवेदनों में देरी के मामले में स्टेनो हेमलता दीवान पर कुल 1700 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। प्रति आवेदन 100 रुपए की दर से तय हुई यह राशि सरकारी कोष में जमा कराई गई है। प्रशासन का जोर अब समय-सीमा में नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।
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