सीजी भास्कर, 19 सितंबर : दूसरों के नाम और कथित फर्जी दस्तावेजों से फर्में बनाकर करोड़ों रुपये (GST Fraud) का कारोबार दिखाने का मामला सामने आया है। राज्य जीएसटी विभाग की जांच के बाद मेसर्स अगस्त्य इंटरप्राइजेस के प्रोपराइटर अमन कुमार अग्रवाल के खिलाफ तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग के अनुसार अमन ने 10 ऐसी फर्में बनाईं, जो या तो मौके पर संचालित नहीं मिलीं या जिनके नाम पर फर्में दर्ज थीं, उन लोगों ने कारोबार से ही इन्कार कर दिया। इन फर्मों से खरीद दिखाकर अगस्त्य इंटरप्राइजेस में बड़ी रकम का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया।
यह भी पढ़ें : Balod Bus Accident : करहीभदर मोड़ पर मौत का सफर, यात्रियों से भरी बस पलटी, कंडक्टर की मौत, 25 से ज्यादा घायल
10 फर्मों की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
जीएसटी विभाग ने जांच के दौरान संबंधित फर्मों के पते पर जाकर पड़ताल की। कई जगह फर्में मौके पर नहीं मिलीं। वहीं जिन लोगों के नाम पर फर्में दर्ज थीं, उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने संबंधित कारोबार से कोई संबंध होने से इन्कार किया।
जांच में कुछ लोगों ने यह भी बताया कि जीएसटी रिकॉर्ड में दर्ज बैंक खाते उनके नहीं हैं। विभाग ने इन तथ्यों के आधार पर फर्जी फर्मों का कारोबार (GST Fraud) दिखाकर टैक्स लाभ लेने का मामला माना है।
यह भी पढ़ें : Fake Branded Tea Case : बिलासपुर में ब्रांडेड चाय के नाम पर संदिग्ध माल पकड़ा, 23 पैकेट जब्त कर जांच के लिए भेजे
मृत व्यक्ति के नाम पर बना किरायानामा
गरियाबंद में हुसैनी इंटरप्राइजेस के नाम से फर्म दर्ज थी। जांच में सामने आया कि इसके किरायानामे में मकान मालिक के रूप में फूल सिंह का नाम दर्ज था। विभाग के अनुसार फूल सिंह की वर्ष 2010 में ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि किरायानामा 21 मार्च 2025 का बनाया गया था।
यह भी पढ़ें : Fake Branded Tea Case : बिलासपुर में ब्रांडेड चाय के नाम पर संदिग्ध माल पकड़ा, 23 पैकेट जब्त कर जांच के लिए भेजे
फर्म के प्रोपराइटर मोहम्मद इस्लाम ने भी कारोबार और बैंक खाते से अनजान होने की बात कही। इस फर्म से अगस्त्य इंटरप्राइजेस को 16.61 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री और 2.99 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया।
यह भी पढ़ें : Central Jail Woman Death : अंबिकापुर सेंट्रल जेल की महिला कैदी की इलाज के दौरान मौत, हत्या के आरोप में थी बंद
इलेक्ट्रिशियन और पार्किंग कर्मचारी के नाम पर करोड़ों का कारोबार
यूनिक इंटरप्राइजेस के नाम पर 11.61 करोड़ रुपये का कारोबार और 2.08 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया। इसके प्रोपराइटर मजहर खान ने बताया कि वह इलेक्ट्रिशियन हैं और इस कारोबार से उनका कोई संबंध नहीं है।
यह भी पढ़ें : Warren Buffett : वॉरेन बफे ने छोड़ा बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन पद, बेटे हॉवर्ड को मिली कमान
अंसारी ट्रेडर्स के नाम पर 30.71 करोड़ रुपये का कारोबार और 5.52 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया। इसके प्रोपराइटर एफजल अंसारी ने बताया कि वह पार्किंग में नौकरी करते हैं और अमन अग्रवाल को नहीं जानते।
यह भी पढ़ें : Mobile Phone Seized : दुर्ग सेंट्रल जेल में सुबह-सुबह छापा, दो मोबाइल समेत प्रतिबंधित सामान बरामद
चाय ठेले वाले के नाम पर 22.47 करोड़ का कारोबार
विकास यदु के नाम से अगस्त इंटरप्राइजेस बनाई गई थी। विभाग के अनुसार इस फर्म से 22.47 करोड़ रुपये का कारोबार और 4.04 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया। विकास ने पूछताछ में बताया कि वह पहले चाय का ठेला लगाता था। इसी तरह ललित ट्रेड लिंक के नाम पर 29.72 करोड़ रुपये का कारोबार और 5.17 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया। इसके प्रोपराइटर ललित सोनी ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से नौकरी कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें : PM Janman Road : जहां कीचड़ में थम जाते थे कदम, अब पक्की सड़क पर दौड़ती है जिंदगी
दिहाड़ी मजदूर और सफाईकर्मी के नाम पर भी फर्म
विनायक वेंचर्स के नाम पर 17.95 करोड़ रुपये का कारोबार और 1.36 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया। इसके प्रोपराइटर प्रताप सिंह वर्मा ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं। महावीर इंटरप्राइजेस के नाम पर 12.67 करोड़ रुपये का कारोबार और 2.27 करोड़ रुपये का ITC दिखाया गया। इसके प्रोपराइटर महेश फकीरा सोनी ने बताया कि वह सफाईकर्मी हैं।
यह भी पढ़ें : PM Janman Road : जहां कीचड़ में थम जाते थे कदम, अब पक्की सड़क पर दौड़ती है जिंदगी
फर्जी दस्तावेजों से फर्म बनाने का आरोप
जीएसटी विभाग के अनुसार जांच में कई फर्मों के पते पर वास्तविक कारोबार नहीं मिला। कुछ किरायानामों में संबंधित लोगों के हस्ताक्षर भी कथित तौर पर फर्जी पाए गए। वहीं फर्मों के नाम पर दर्ज बैंक खातों को भी संबंधित लोगों ने अपना नहीं बताया।
यह भी पढ़ें : Bilaspur Bilha Mazda Accident : माजदा की टक्कर से 2 सगे भाइयों की मौत, तीसरा गंभीर
विभाग ने इन तथ्यों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कारोबार दिखाकर टैक्स का लाभ लेने से जोड़ते हुए कार्रवाई की है। इस मामले में जीएसटी विभाग की जांच (GST Fraud) के बाद पुलिस ने अमन अग्रवाल के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
खबरें और भी हैं : Bear Attack Chhattisgarh : जंगल की ओर जा रहे दो युवकों पर चार भालुओं का हमला, एक ने भागकर बचाई जान, दूसरे को बुरी तरह नोचा



