सीजी भास्कर, 19 सितम्बर। बिलासपुर के चांटीडीह स्थित एक दुकान में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर संदिग्ध चाय बेचने का मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने कंपनी के प्रतिनिधि के साथ दुकान पर जांच की। इस दौरान 250 ग्राम के 23 पैकेट संदिग्ध पाए गए, जिन्हें जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। (Fake Branded Tea Case)
विभाग को शिकायत मिली थी कि दुकान में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली या संदिग्ध उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
23 पैकेट जब्त कर जांच के लिए भेजे : Fake Branded Tea Case
जांच के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि ने 250 ग्राम के 23 पैकेटों पर आपत्ति जताई। इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इन पैकेटों को जब्त कर नमूने लिए और परीक्षण के लिए भेज दिए।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त चाय के पैकेट असली हैं या उनमें किसी तरह की मिलावट या नकली उत्पाद का मामला है।
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खरीदी का बिल नहीं दिखा सका संचालक
जांच के दौरान दुकान संचालक संबंधित चाय की खरीदी का बिल और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि दुकान में मौजूद चाय का स्टॉक कहां से खरीदा गया था और इसकी आपूर्ति किस माध्यम से हुई।
जांच के दौरान अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी मौजूद रहे।
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पहले भी संदिग्ध मसाले का मामला आया था सामने : Fake Branded Tea Case
बिलासपुर में इससे पहले भी नकली या संदिग्ध खाद्य उत्पाद से जुड़ा मामला सामने आ चुका है। करीब चार महीने पहले व्यापार विहार स्थित एक ट्रांसपोर्ट परिसर में जांच के दौरान मसाले के संदिग्ध पैकेट मिले थे। उस कार्रवाई में कंपनी के प्रतिनिधि भी टीम के साथ मौजूद थे और पैकेटों की पैकिंग व उत्पाद को देखकर उन्हें प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया गया था।
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सप्लाई नेटवर्क की भी जांच
विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि संदिग्ध उत्पाद दुकान तक कहां से पहुंचा और इसकी आगे कहां आपूर्ति की जानी थी। अधिकारियों के अनुसार, मामले (Fake Branded Tea Case) में संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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