सीजी भास्कर, 20 सितंबर : जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA), छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ सकारात्मक वार्ता के बाद 21 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को 7 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। अनिश्चितकालीन हड़ताल (JDA Strike) के बजाय इस अवधि में चिकित्सक नियमित चिकित्सा सेवाएं और ड्यूटी जारी रखेंगे।
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JDA प्रतिनिधिमंडल और स्वास्थ्य मंत्री के बीच हुई बैठक में प्रदेश के चिकित्सकों और जूनियर डॉक्टरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठन ने लंबे समय से उठाई जा रही अपनी मांगों के निराकरण की मांग रखी। स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के समाधान के लिए 7 दिन का समय मांगा और इस अवधि में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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7 दिन के समय को JDA ने किया स्वीकार
JDA ने स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मांगे गए 7 दिनों के समय को स्वीकार कर लिया है। संगठन के मुताबिक, चिकित्सकों की जायज मांगों के समाधान के साथ मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह भी उसकी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता (Health Minister Meeting) के बाद हड़ताल को फिलहाल टालने का निर्णय लिया गया।
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JDA की जनरल बॉडी मीटिंग में लिए गए सामूहिक निर्णय के अनुसार 21 सितंबर 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल अब 7 दिन बाद की स्थिति के आधार पर तय होगी। इस दौरान सभी चिकित्सक अपनी नियमित चिकित्सा सेवाएं और ड्यूटी जारी रखेंगे।
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शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगा JDA
हड़ताल स्थगित करने के बावजूद JDA अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखेगा। संगठन ने इस अवधि में ब्लैक रिबन प्रोटेस्ट, कैंडल मार्च, रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।
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JDA ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन और मांगे गए समय के सम्मान में लिया गया है। संगठन सरकार के साथ सार्थक संवाद के जरिए मांगों के समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रहा है। जूनियर डॉक्टरों की मांगें (Junior Doctors Demands) भी इसी संवाद का प्रमुख हिस्सा हैं।
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7 दिन बाद तय होगी आगे की रणनीति
JDA को उम्मीद है कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के अनुरूप अगले 7 दिनों में प्रमुख मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में अपेक्षित समाधान नहीं होता है, तो जनरल बॉडी की बैठक में आगे की रणनीति पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
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संगठन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल समेत अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, इस दौरान मरीजों के हित और चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता (Medical Services Continuity) को लेकर JDA ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
मरीजों की सेवा जारी रखने का दावा
JDA ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि आंदोलन के दौरान भी मरीजों के हित और चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता संगठन की प्राथमिकताओं में बनी रहेगी। संगठन ने सरकार से 7 दिन की अवधि में सकारात्मक और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
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आने वाले 7 दिनों में सरकार की ओर से मांगों पर होने वाली कार्रवाई के आधार पर JDA अपनी अगली रणनीति तय करेगा। फिलहाल चिकित्सक नियमित ड्यूटी करते हुए शांतिपूर्ण विरोध कार्यक्रमों के जरिए अपनी मांगें उठाते रहेंगे। आंदोलन की अगली रणनीति (JDA Protest Strategy) पर अंतिम फैसला जनरल बॉडी द्वारा लिया जाएगा।
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