सीजी भास्कर, 22 सितंबर : दुर्ग में बिना पंजीयन वाले वाहन को दूसरे वाहन के नंबर पर चलाने का मामला सामने आया है। दूसरे वाहन का नंबर (Durg Fake Number Plate) इस्तेमाल करने से चालान और टोल के मैसेज असली वाहन मालिक के मोबाइल पर पहुंच रहे थे।
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बिना पंजीयन चलाने का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि बिना पंजीयन वाले वाहन की खरीदी-बिक्री के बाद उसे सड़क पर चलाने के लिए दूसरे वाहन का पंजीयन नंबर इस्तेमाल किया गया। वाहन का फर्जी नंबर (Durg Fake Number Plate) लगाए जाने से सड़क पर होने वाले चालान और टोल से जुड़े संदेश वास्तविक वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर पहुंचने लगे।
एक वाहन के नंबर और दूसरे वाहन के इस्तेमाल में अंतर सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। नंबर प्लेट के दुरुपयोग (Durg Fake Number Plate) से जुड़े मामले में पुलिस ने वाहन की खरीदी-बिक्री और उसके इस्तेमाल से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई।
दो फरार आरोपित गिरफ्तार
मामले में सिंधिया नगर दुर्ग निवासी रोहित कुमार कंकरिया (51) और नेहरू नगर भिलाई निवासी अनूप रावलानी (55) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर बिना पंजीयन वाले वाहन की खरीदी-बिक्री और दूसरे वाहन का पंजीयन नंबर इस्तेमाल करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में विजय सेन को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। पूछताछ और जांच के दौरान दूसरे वाहन के नंबर का इस्तेमाल (Durg Fake Number Plate) करने में अन्य लोगों की भूमिका सामने आई।
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जांच में आई दोनों की भूमिका
विजय सेन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान रोहित कुमार कंकरिया और अनूप रावलानी की भूमिका सामने आने पर पुलिस टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब वाहन की खरीदी-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बिना पंजीयन वाले वाहन को दूसरे वाहन के नंबर पर कितने समय तक चलाया गया।
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चालान और टोल मैसेज से खुला मामला
दूसरे वाहन का नंबर इस्तेमाल होने के कारण सड़क पर चल रहे वाहन के चालान और टोल से जुड़े संदेश उस वाहन के वास्तविक मालिक के मोबाइल पर पहुंच रहे थे। इससे नंबर और वाहन के बीच अंतर सामने आया और पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस पूरे मामले में चालान और टोल मैसेज (Durg Fake Number Plate) से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इसके अलावा वाहन के लेन-देन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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वाहन और नंबर के इस्तेमाल की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, मामले में बिना पंजीयन वाहन के इस्तेमाल, दूसरे वाहन के पंजीयन नंबर के कथित दुरुपयोग और खरीदी-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरे वाहन का नंबर किस तरह हासिल किया गया और उसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया। मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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