सीजी भास्कर, 23 सितम्बर। सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के दायरे में आने के लिए बेसिक सैलरी की सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है। इसमें महंगाई भत्ता भी शामिल है। इस बदलाव के बाद निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 51 लाख नए कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आ सकते हैं। इससे अधिक कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति बचत, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। (EPFO New Salary Limit)
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ईपीएफओ से मिलते हैं तीन प्रमुख फायदे : EPFO New Salary Limit
ईपीएफओ के तहत कर्मचारियों को मुख्य रूप से तीन तरह के लाभ मिलते हैं। नौकरी के दौरान जमा राशि सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को पेंशन योजना के तहत मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। तीसरा लाभ कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना के तहत मिलने वाला जीवन बीमा कवर है।
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25 हजार रुपये की सीमा पर ऐसे समझें गणित
नियम के अनुसार कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि खाते में जमा होता है। नियोक्ता भी 12 प्रतिशत योगदान करता है। नियोक्ता के योगदान का एक हिस्सा पेंशन फंड में और बाकी हिस्सा कर्मचारी के भविष्य निधि (EPFO New Salary Limit) खाते में जाता है।
नई 25,000 रुपये की सीमा के तहत यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 25,000 रुपये है, तो कर्मचारी के हिस्से से हर महीने 3,000 रुपये की कटौती होगी। नियोक्ता को भी 3,000 रुपये का योगदान करना होगा। इस तरह कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में नियमित रूप से अधिक राशि जमा होगी।
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40 से 50 हजार बेसिक सैलरी वालों पर क्या असर होगा : EPFO New Salary Limit
जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 40,000 या 50,000 रुपये है, उनके लिए असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी पीएफ की गणना किस आधार पर करती है। यदि कंपनी पहले से ही कर्मचारी की पूरी बेसिक सैलरी पर 12 प्रतिशत पीएफ काट रही है, तो नई सीमा से टेक होम सैलरी में अलग से बदलाव नहीं होगा।
वहीं, यदि कंपनी केवल निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर पीएफ की गणना करती है, तो 25,000 रुपये की सीमा के हिसाब से अधिकतम 3,000 रुपये कर्मचारी के हिस्से से काटे जाएंगे। पहले 15,000 रुपये की सीमा पर यह कटौती अधिकतम 1,800 रुपये थी। इसलिए जिन कर्मचारियों के लिए कंपनी सीमित वेतन आधार पर पीएफ काटती है, उनके मामले में पीएफ कटौती (EPFO New Salary Limit) बढ़ सकती है और इससे हाथ में आने वाली सैलरी पर असर पड़ सकता है।
उदाहरण के तौर पर 50,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी के मामले में भी यदि कंपनी पीएफ के लिए 25,000 रुपये की सीमा लागू करती है, तो कर्मचारी के हिस्से से 3,000 रुपये की कटौती होगी। हालांकि वास्तविक टेक होम सैलरी पर असर कर्मचारी के वेतन ढांचे और कंपनी की पीएफ नीति पर निर्भर करेगा।
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