सीजी भास्कर, 25 सितंबर : छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल (Chhattisgarh Rural Tourism) अब विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति, खान-पान और हाट-बाजार का अनुभव लिया। ब्रिटेन से आए फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और ढोल-नगाड़ों के बीच स्वागत किया। विदेशी मेहमानों ने भी ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को करीब से महसूस किया।

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गांव की गलियों से खेत-खलिहान तक अनुभव
लमना विलेज स्टे में पर्यटकों का अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों और पारंपरिक परिवेश से परिचित कराने के लिए विलेज वॉक कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया और स्थानीय जीवनशैली को समझा। पर्यटकों ने ग्रामीण परिवारों, महिलाओं, बच्चों और स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया। गांव का सहज वातावरण और ग्रामीणों की आत्मीयता उनके लिए खास अनुभव रहा। इस तरह ग्रामीण जीवन का अनुभव (Chhattisgarh Rural Tourism) पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय समुदाय से जोड़ता है।

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ग्रामीण हाट बना विदेशी मेहमानों के आकर्षण का केंद्र
लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट विदेशी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहा। उन्होंने दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री और सब्जियों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल और स्थानीय उत्पादों की विविधता ने उन्हें भारतीय गांव के वास्तविक जीवन को समझने का अवसर दिया। ग्रामीण हाट और स्थानीय संस्कृति (Chhattisgarh Rural Tourism) का यह अनुभव विदेशी मेहमानों के लिए यादगार रहा।

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स्थानीय जीवन से सीधे जुड़ने का अवसर
लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की और पारंपरिक वातावरण को करीब से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को अलग तरह का अनुभव दिया। ऐसे मॉडल से ग्रामीण परिवारों और स्थानीय कारोबारियों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

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पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्याय
छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर बढ़ रहा है। प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर तैयार हो सकते हैं। अनुभव आधारित पर्यटन (Chhattisgarh Rural Tourism) की बढ़ती लोकप्रियता इसी बदलाव को दर्शाती है।
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प्रकृति, संस्कृति और आतिथ्य का संगम है लमना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र इन क्षेत्रों को स्थानीय जीवन और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यहां पर्यटकों को प्रकृति के साथ ग्रामीण जीवन का भी अनुभव मिलता है।
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बस्तर से लमना तक बढ़ रहा अनुभव आधारित पर्यटन
पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं। स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दिया जा रहा है। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया।
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विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन
लमना प्रवास के दौरान फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए। वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों से भी आत्मीयता से मिले। विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं। ग्रामीण पर्यटन से रोजगार के अवसर (Chhattisgarh Rural Tourism) भी तैयार हो रहे हैं। स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए ग्रामीण पर्यटन आय और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है।
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