सीजी भास्कर, 26 जुलाई : छत्तीसगढ़ की डायल-112 आपातकालीन सेवा (Dial 112 Crisis) में पिछले आठ वर्षों से काम कर रहे सैकड़ों वाहन चालकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। शासन द्वारा वाहन चालकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास अनिवार्य किए जाने के बाद करीब 200 से अधिक अनुभवी चालक प्रभावित हो रहे हैं। इनमें कई चालक ऐसे हैं, जो वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन उनकी शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास है।
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20 साल का अनुभव, फिर भी नौकरी पर संकट
प्रभावित चालकों का कहना है कि वे पिछले आठ वर्षों से डायल-112 सेवा में कार्यरत हैं। कई चालकों के पास 20 वर्ष से अधिक का वाहन चलाने का अनुभव है। कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों तक आपातकालीन मदद पहुंचाई। चालकों का कहना है कि केवल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उन्हें सेवा से हटाना उनके वर्षों के अनुभव और योगदान की अनदेखी है।
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20 जुलाई से शुरू हुई पुराने चालकों की जगह नए लोगों की प्रक्रिया
डायल-112 के लिए वाहन चालक उपलब्ध कराने वाली जेवीके कंपनी के प्रबंध निदेशक सूरज कुमार ने बताया कि प्रभावित चालक अनुभवी हैं, लेकिन नई निविदा की शर्तों में 10वीं पास होना अनिवार्य किया गया है। कंपनी को टेंडर की शर्तों का पालन करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को आदेश मिलने के बाद नए मानकों के अनुरूप चालक उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पुराने चालकों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
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नई टेंडर शर्त बनी परेशानी की वजह
नई निविदा के अनुसार डायल-112 के वाहन चालकों के लिए 10वीं पास होना, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम दो वर्ष का ड्राइविंग अनुभव जरूरी किया गया है। हालांकि पुराने चालक अनुभव के मामले में पूरी तरह योग्य हैं, लेकिन 10वीं उत्तीर्ण नहीं होने के कारण वे नई शर्तों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
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11,600 रुपये वेतन में वर्षों तक दी सेवा
प्रभावित चालकों का कहना है कि उन्होंने करीब 11 हजार 600 रुपये मासिक वेतन पर वर्षों तक पूरी जिम्मेदारी के साथ काम किया। कम वेतन के बावजूद उन्होंने आपातकालीन सेवा में कभी लापरवाही नहीं बरती। अब अचानक नौकरी जाने की स्थिति से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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कई जिलों के चालकों ने उठाई मांग Dial 112 Crisis
दुर्ग, जांजगीर, रायपुर और कोरबा समेत कई जिलों के प्रभावित चालकों ने शासन से मांग की है कि उनके वर्षों के अनुभव को देखते हुए नियमों में शिथिलता दी जाए। चालकों का कहना है कि पुराने कर्मचारियों को सेवा में बनाए रखा जाए और उनके वेतन में भी वृद्धि पर विचार किया जाए।
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मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को सौंपा ज्ञापन Dial 112 Crisis
प्रभावित वाहन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने सरकार से रोजगार सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि वर्षों तक आपातकालीन सेवा का हिस्सा रहे चालकों को केवल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर हटाना उचित नहीं है। चालकों को उम्मीद है कि शासन उनके अनुभव और सेवाओं को देखते हुए इस मामले में पुनर्विचार करेगा।
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