सीजी भास्कर, 25 सितंबर : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में ढाबा संचालक से मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस कार्रवाई (Raigarh Police Action) के तहत एसएसपी शशि मोहन सिंह ने धरमजयगढ़ थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी को निलंबित कर दिया है। वहीं आरक्षक विजय राठिया को रक्षित केंद्र पुलिस लाइन अटैच किया गया है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, बिहारी ढाबा संचालक मोंटू गुप्ता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बुधवार रात धरमजयगढ़ थाने के प्रधान आरक्षक समेत कुछ पुलिसकर्मी उसके ढाबे पर पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद होने और उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया। शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने संबंधित पुलिसकर्मियों और शिकायतकर्ता का पक्ष सुना।
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लापरवाही और अनुशासनहीनता
शिकायत के बाद कराई गई शुरुआती जांच में प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल पर कार्रवाई (Raigarh Police Action) करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन की कार्रवाई के साथ मामले की आगे की जांच भी जारी रखी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कॉन्स्टेबल को पुलिस लाइन भेजा गया
वहीं आरक्षक विजय राठिया के खिलाफ हुई जांच में ढाबा संचालक के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आने पर उसे रक्षित केंद्र पुलिस लाइन अटैच किया गया है। कॉन्स्टेबल पर विभागीय कार्रवाई (Raigarh Police Action) के बाद उसे वर्तमान पदस्थापना से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।
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SDOP को दी गई प्राथमिक जांच की जिम्मेदारी
मामले की आगे की जांच के लिए धरमजयगढ़ SDOP सिद्धांत तिवारी को प्राथमिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करेंगे। ढाबा संचालक की शिकायत पर जांच (Raigarh Police Action) के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
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शिकायत के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई
एसएसपी कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की गई है। पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई (Raigarh Police Action) के मामले में अब प्राथमिक जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।



