सीजी भास्कर, 26 सितंबर। महासमुंद में पुलिस ने मानव तस्करी और कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करने (Human Trafficking) का दावा किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और दूसरे राज्यों तक जुड़े नेटवर्क के 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
कार्रवाई में 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपए नकद के साथ मजदूरों के रिकॉर्ड, मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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मजदूरों को एडवांस देकर भेजने का आरोप Human Trafficking
पुलिस के मुताबिक नेटवर्क से जुड़े लोग आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों को एडवांस रकम देकर दूसरे राज्यों में काम के लिए भेजते थे। जांच में दबाव और धमकी देकर मजदूरों की आवाजाही नियंत्रित करने के आरोप भी सामने आए हैं।
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मामले में मुकेश चंद्राकर, लता सवर, नंदू मोहंती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुकेश चंद्राकर को मुख्य आरोपी बता रही है। हालांकि सभी आरोपों की जांच अभी जारी है।
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पुलिस ने बताया कि जांच 21 सितंबर को सरकारी अस्पताल से मिले मेमो के बाद शुरू हुई थी। अब मोबाइल, बैंक खातों, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और मजदूरों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में खल्लारी थाने में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है।
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