सीजी भास्कर, 03 सितंबर। अमेरिका में बड़े पैमाने पर डेटा लीक का सनसनीखेज मामला सामने (America Data Leak) आया है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और कनाडा के 15 करोड़ से ज्यादा लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेजों का डेटा ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया था। लीक डेटा में ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र और अन्य सरकारी पहचान दस्तावेजों की जानकारी शामिल होने की बात कही गई है।
साइबर सिक्योरिटी पत्रकार ब्रायन क्रेब्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह डेटा एक ऑनलाइन सेवा के जरिए उपलब्ध कराया गया था। मामला सामने आने के बाद संबंधित वेबसाइट ऑफलाइन हो गई है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री की जानकारी भी डेटाबेस में मिलने का दावा America Data Leak
रिपोर्ट के मुताबिक, लीक डेटाबेस में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी जानकारी भी दिखाई दी।
ब्रायन क्रेब्स ने दावा किया कि उन्हें इस डेटाबेस में अपने दस्तावेज का रिकॉर्ड भी मिला। इसके आधार पर डेटा के वास्तविक होने की आशंका और गहरी हो गई।
मामले को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि वह सामने आई रिपोर्ट्स से अवगत है और स्थिति का आकलन कर रहा है।
15.3 करोड़ से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस का डेटा होने का दावा
रिपोर्ट में डेटाबेस को लेकर बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दावा किया गया है कि इसमें 15.3 करोड़ से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी (America Data Leak) मौजूद थी।
इसके अलावा 1 करोड़ से ज्यादा पहचान पत्र और करीब 30 लाख अन्य यात्रा या पहचान दस्तावेजों का डेटा भी शामिल होने की बात कही गई है।
हालांकि इन आंकड़ों और पूरे डेटा की स्वतंत्र स्तर पर पूर्ण पुष्टि होना अभी बाकी है।
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रूसी साइबरक्राइम फोरम पर किया गया था प्रचार
बताया गया है कि डेटा उपलब्ध कराने वाली इस ऑनलाइन सेवा का प्रचार रूसी साइबरक्राइम फोरम पर किया गया था।
सुरक्षा विशेषज्ञों की जांच के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। डेटा लीक की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद संबंधित वेबसाइट ऑफलाइन हो गई।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस प्लेटफॉर्म के पीछे कौन लोग थे और डेटा तक किस-किस की पहुंच हुई।
IDScan से संभावित लिंक की जांच
जांच के दौरान पहचान सत्यापन से जुड़ी कंपनी IDScan का संभावित लिंक सामने आया है।
सुरक्षा शोधकर्ताओं और ब्रायन क्रेब्स की जांच के आधार पर आशंका जताई गई है कि डेटा कंपनी के सिस्टम से चोरी हुआ (America Data Leak) हो सकता है।
कंपनी ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। वहीं अमेरिकी जांच एजेंसी FBI भी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
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सबसे बड़ा सवाल- डेटा किसने खरीदा और कहां हुआ इस्तेमाल?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित तौर पर चोरी हुआ डेटा किस-किस व्यक्ति, संगठन या समूह ने खरीदा।
यह भी जांच का विषय है कि डेटा का इस्तेमाल पहचान चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के लिए किया गया या नहीं।
जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल (America Data Leak) कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस कथित डेटा लीक से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




