सीजी भास्कर, 01 अगस्त। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत और पाकिस्तान के नेताओं से अहम मुलाकात (India Iran Relations) की। इन बैठकों में युद्ध खत्म करने, बातचीत और क्षेत्र में शांति के रास्ते पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी से पेजेशकियन की मुलाकात India Iran Relations
31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ईरानी राष्ट्रपति ने भारत से पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता खोलने में भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समस्याओं का समाधान संवाद और सहयोग से होना चाहिए। पेजेशकियन ने अमेरिका पर युद्ध और ताकत के जरिए अपनी बात मनवाने का आरोप भी लगाया।
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मोदी ने दिया बातचीत का भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने भी क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। भारत ने स्थायी शांति और स्थिरता के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही।
मोदी ने समुद्री रास्तों और व्यापार की स्वतंत्रता के साथ नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
ईरान के साथ व्यापार बढ़ाने की बात
अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के साथ व्यापार के दायरे बढ़ाने की बात कही। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है।
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शहबाज शरीफ से भी मिले पेजेशकियन
इसके बाद पेजेशकियन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। उन्होंने पाकिस्तान की हालिया कूटनीतिक भूमिका की तारीफ करते हुए कहा कि तेहरान बातचीत से बनी समझ को लागू करने के लिए तैयार है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए दूसरे पक्ष को भी अपने वादे पूरे करने होंगे।
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मुस्लिम देशों की एकजुटता पर जोर
पेजेशकियन ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का समझौते का स्वागत किया। उन्होंने इसे मुस्लिम देशों के बीच एकता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया। इन मुलाकातों से संकेत मिलता है कि ईरान युद्ध और तनाव के बीच कूटनीतिक रास्ते खुले रखना चाहता है।
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