सीजी भास्कर, 03 सितंबर : बांगो बांध का गेट (Bango Dam Gate Opening) खोलने को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लगातार बारिश के बीच जलाशय में पानी तेजी से बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और आज शाम एक अहम फैसला लिया जा सकता है।
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93 प्रतिशत तक पहुंचा जलस्तर
मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय (Bango Dam Gate Opening) में लगातार बारिश के कारण पानी की आवक में तेजी आई है। सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे के बीच जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शाम 4 बजे की स्थिति में बांध का जलस्तर 358.49 मीटर पहुंच गया, जो करीब 93 प्रतिशत है। जलाशय में पानी का इनफ्लो 38,230 क्यूसेक और आउटफ्लो 9,000 क्यूसेक दर्ज किया गया।
शाम 7 बजे खुल सकता है गेट
मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-3 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार यदि पानी की आवक इसी दर से बनी रही तो आज शाम करीब 7 बजे गेट आंशिक रूप से खोला जा सकता है। जरूरत पड़ने पर बांध से हसदेव नदी में पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में Bango Dam Gate Opening के बाद नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
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इन गांवों में कराया जा रहा अलर्ट
हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में चेतावनी की मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोड़ा, हथमार, झोरा और सिरकीकला शामिल हैं।
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नदी किनारे जाने से बचने की अपील
जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी (Bango Dam Gate Opening) के किनारे और बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खनिज खदान ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों और संबंधित संस्थानों से अपनी चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की गई है। लोगों से नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने कहा गया है। विभाग जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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आकस्मिक बाढ़ को लेकर चेतावनी
कार्यपालन अभियंता ने कहा है कि आकस्मिक बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। लोगों से आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
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