सीजी भास्कर, 03 सितंबर : नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी बरामदगी (Nilamdagu Arms Recovery) मिली है। जंगल में छिपाकर रखे हथियार और गोला-बारूद का डंप बरामद किया गया है। पुलिस ने पूरी सामग्री जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
नदी किनारे पेड़ के खोखर में छिपा था सामान
मामला नीलमडगु के जंगल का है। 1 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि नदी किनारे संदिग्ध सामान छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर संयुक्त सुरक्षा दल को इलाके में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया।
तलाशी के दौरान नदी किनारे एक कटे हुए पेड़ के खोखर में हथियार और गोला-बारूद का डंप मिला। बरामदगी (Nilamdagu Arms Recovery) के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके में भी तलाशी अभियान चलाया।
12 बोर कट्टा और 10 जिंदा राउंड बरामद
सुरक्षाबलों को मौके से एक 12 बोर का देशी कट्टा मिला। इसके अलावा एक टूटी हुई BGL राइफल और आठ BGL सेल भी बरामद किए गए।तलाशी के दौरान 12 बोर के 10 जिंदा राउंड, तीन देशी कट्टा सेल कैप, एक पेंचिस और एक पिट्ठू बैग भी मिला। हथियार बरामदगी (Nilamdagu Arms Recovery) के बाद सभी सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया।
यह भी पढ़ें…Shepherd Train Accident : ट्रेन की चपेट में आने से चरवाहे की मौत, पत्नी की आंखों के सामने हुआ हादसा
नक्सल विरोधी अभियान में अहम बरामदगी
पुलिस के अनुसार जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों की बरामदगी नक्सल विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सुरक्षा बल इलाके में लगातार सर्चिंग और निगरानी अभियान चला रहे हैं।
जंगल में मिले हथियारों (Nilamdagu Arms Recovery) को लेकर पुलिस अब जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और इन्हें यहां किसने छिपाकर रखा था।
यह भी पढ़ें…Photo Dispute Murder Case : सोशल मीडिया फोटो के विवाद में दोस्त की हत्या, पखवाड़े बाद इलाज के दौरान मौत
हथियारों के स्रोत की जांच जारी
बरामद सामग्री को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के दौरान हथियारों और गोला-बारूद के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षाबलों की सर्चिंग (Nilamdagu Arms Recovery) आगे भी जारी रहेगी। इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ जंगल में छिपे अन्य सामान की भी तलाश की जा रही है।
खबरें और भी हैं : DMF Scam : सतपाल चाबड़ा को कमीशन में मिले 31 करोड़! ED ने बताया मुख्य लाइजनर और वित्तीय समन्वयक




